रात्रिभोज के दौरान संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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राष्ट्रपति भवन में अंगोला के समकक्ष का स्वागत करतीं राष्ट्रपति मुर्मू
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लॉरेंको का राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ने किया स्वागत
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में लॉरेंको का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अंगोला के राष्ट्रपति की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है, क्योंकि इस साल भारत और अंगोला राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
अफ्रीकी संघ की अध्यक्षता संभालने के लिए लॉरेंको को दी बधाई
राष्ट्रपति ने लॉरेंको को अफ्रीकी संघ की अध्यक्षता संभालने के लिए बधाई भी दी। राष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जताई कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को इसके पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया था, जिससे बहुपक्षीय मंच पर अब अफ्रीका की आवाज सुनी जा रही है। इस दौरान राष्ट्रपति ने अंगोला सहित अफ्रीकी देशों के साथ भारत की विशेष मित्रता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन जैसी पहलों के माध्यम से सभी अफ्रीकी देशों के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी और स्थायी साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।
अंगोला के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करतीं राष्ट्रपति
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अंगोला के राष्ट्रपति के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
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पूरे वैश्विक दक्षिण के लिए मिलकर काम करने पर जताई सहमति
राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, भारत और अंगोला के राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों को मिलकर न केवल अपने नागरिकों की भलाई के लिए, बल्कि पूरे वैश्विक दक्षिण के लिए भी मिलकर काम जारी रखना चाहिए। इससे पहले, दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अंगोला के राष्ट्रपति के साथ बातचीत की। पीएम मोदी ने अफ्रीकी राष्ट्र के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रक्षा ऋण सहायता की भी घोषणा की। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और लॉरेंको के बीच हुई बातचीत के दौरान पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
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