राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने दो दिनों के दौरे पर उड़ीसा में हैं। राष्ट्रपति ने शनिवार को यहां आर्मी एयर डिफेंस के दल को ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ प्रदान किया। ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ को गोपालपुर मिलिट्री स्टेशन में आर्मी एयर डिफेंस को दिया गया।
राष्ट्रपति कोविंद, जोकि भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी हैं, ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों और विशेष रूप से सेना की वायु रक्षा कोर की देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने की शानदार विरासत है।
उन्होंने कहा कि ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान की मान्यता के लिए एक रेजिमेंट को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल और केंद्रीय पेट्रोलियम और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए।
वायु रक्षा दल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, राष्ट्रपति ने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में रक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की।
उन्होंने दोहराया कि किस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विभिन्न अभियानों में वायु रक्षा सैनिकों ने कैसे भाग लिया था। उन्होंने उन सभी अभियानों को याद किय जिसमें वायु सेना शामिल रही है।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार वायु सेना ने इन सभी अभियानों जिसमें बर्मा अभियान, इम्फाल और कोहिमा की घेराबंदी, रंगून की फिर से स्थापना, अराकान, मायित्किना, हांगकांग, सिंगापुर, मलाया, बहरीन, इराक और फारस अभियान शामिल हैं, में साहस का परिचय दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध के दौरान वायु रक्षा बलों ने कई वीरता पुरस्कार जीते जिनमें चार मिलिट्री क्रॉस, ब्रिटिश साम्राज्य के एक पदक, सात भारतीय विशिष्ट सेवा पदक और ब्रिटिश साम्राज्य के दो पदक शामिल हैं।
कोर ऑफ आर्टिलरी के एक हिस्से के रूप में वायु रक्षा 1940 में अस्तित्व में आया, लेकिन इसे 1994 में एक स्वतंत्र हिस्से के रूप में मान्यता मिली।
सेना की वायु रक्षा को दो अशोक चक्र, दो कीर्ति चक्र, 20 वीर चक्र, नौ शौर्य चक्र, 113 सेना पदक और 55 मेंशन-इन-डिस्पेचेस के अलावा 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान दिए गए चार कोर टाइटल से सम्मानित किया गया है।