राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कहा कि कोरोना महामारी ने दुनिया को भाईचारे का पाठ पढ़ाया। महामारी ने सिखाया कि अगर किसी दूसरे की जान खतरे में हैं तो आप भी सुरक्षित नहीं हो सकते। यह हम सभी के लिए एक सबक है।
राष्ट्रपति ने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को किया संबोधित
राष्ट्रपति ने रविवार को राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के 23वें दीक्षांत समारोह में कहा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सिर्फ एक इकाई नतीजे नहीं दे सकती। स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने कहा, कोरोना महामारी ऐसा स्वास्थ्य संकट है, जो शायद ही किसी ने देखा हो। महामारी ने पूरी दुनिया को अत्यधिक पीड़ा और दुख दिया। देश को हमारे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर गर्व है, जिन्होंने इस संकट का मजबूती से सामना किया। उन्होंने अपने जीवन को खतरे में डालकर लोगों की जान बचाई।
हमें यह जानकार खुशी है कि इस यूनिवर्सिटी ने दो लाख से ज्यादा स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों को प्रशिक्षित किया। डॉक्टर और नर्सों से लेकर प्रशासकों व अस्पताल सुविधा प्रदाताओं तक ने महामारी का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्रपति ने आत्मनिर्भर भारत अभियान पर जोर देते हुए कहा कि आज भारत न सिर्फ कोरोना वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है, बल्कि इनका निर्यात भी कर रहा है। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है।