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राष्ट्रपति बोले- देश में मानसिक स्वास्थ्य की महामारी

Sun, 31 Dec 2017 05:44 AM IST
एजेंसी / बंगलूरू
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जन्मदिन
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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारत मानसिक स्वास्थ्य महामारी का सामना कर रहा है। हमें 2022 तक मानसिक बीमारियों के शिकार लोगों को इलाज मुहैया कराने का लक्ष्य बनाना होगा। महामहिम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरोसाइंसेज के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। राष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि दीक्षांत में डिग्री लेने वाले छात्रों के लिए असली चुनौती अभी शुरू हुई है। वे जिस दुनिया में जा रहे हैं, वहां उनकी योग्यता की इतनी ज्यादा जरूरत है, जितनी पहले कभी नहीं थी। 
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भारत के सामने मानसिक सेहत की साधारण चुनौती नहीं है क्योंकि शायद हम मानसिक सेहत की महामारी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इसके कई कारण गिनाये। राष्ट्रपति ने कहा, देश में तकनीक, आर्थिक और सामाजिक बदलाव आ रहे हैं, इसलिए बीमारियों की प्रकृति भी बदल रही है।

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2022 में भारत आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएगा। तक हमें कोशिश करनी चाहिए कि गंभीर मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को जांच और इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा सके। सरकारी, गैर सरकारी और सभी निजी संस्थाओं को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि एनआईएमएचएएनएस देश का इस क्षेत्र का सबसे बड़ा संस्थान है। इसलिए संस्थान को इस लक्ष्य को पाने के लिए रोड मैप तैयार करना चाहिए। 
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देश में 13 करोड़ लोग मानसिक समस्याओं से जूझ रहे

राष्ट्रपति ने कहा कि दस फीसदी भारतीयों को मानसिक सेहत से जुड़ी समस्याएं हैं। 130 करोड़ लोगों के देश में यह एक बेहद बड़ी संख्या है। इस निपटने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की कमी की समस्या से भी हल करनी होगी। अभी देश में सिर्फ 5000 मनोवैज्ञानिक और 2000 मनोवैज्ञानिक क्लीनिक हैं। 13 करोड़ मरीजों के सामने यह संख्या बेहद छोटी है।
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