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ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी: राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने दी बधाई, द्विपक्षीय संबंध पर कही ये बात

Sun, 20 Jun 2021 07:02 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरान में कट्टपंथी नेता इब्राहिम रईसी के राष्ट्रपति पद पर चुनाव जीतने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है।
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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद - फोटो : ANI
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विस्तार
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ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में बहुत कम वोटिंग के बीच न्यायपालिका के प्रमुख रह चुके कट्टपंथी नेता इब्राहिम रईसी बड़े अंतर से जीत हासिल की है। वे देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई के कट्टर समर्थक हैं। रईसी को 62 फीसदी मत मिले जबकि एकमात्र उदारवादी प्रत्याशी अब्दुल नासिर हेम्माती पीछे रह गए। 

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रईसी के राष्ट्रपति पद पर चुनाव जीतने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। राष्ट्रपति कोविंड ने एक ट्वीट कर कहा कि मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में हमारे करीबी और गर्म द्विपक्षीय संबंध बढ़ते रहेंगे।  
 

पीएम मोदी ने भी बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी को रविवार को बधाई दी और कहा कि वह भारत तथा ईरान के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उनके साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
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पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि इब्राहीम रईसी को इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने पर बधाई। मैं भारत एवं ईरान के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हूं।

 
राष्ट्रपति बनने के लिए 50 फीसदी से अधिक मत की थी दरकार
ईरान में राष्ट्रपति बनने के लिए 50 फीसदी से अधिक मत चाहिए होते हैं और इब्राहिम रईसी की यह जीत बड़े अंतर से हुई है। उन्हें प्रारंभिक नतीजों में ही 1.78 करोड़ मत हासिल हो चुके थे। ईरान के गृह मंत्रालय में चुनाव मुख्यालय के प्रमुख जमाल ओर्फ ने बताया कि शुरुआती नतीजों में पूर्व रेवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मोहसिन रेजाई को 33 लाख और ‘सेंट्रल बैंक’ के पूर्व प्रमुख हेम्माती को 24 लाख मत ही मिले। एक अन्य प्रत्याशी आमिर हुसैन गाजीजादा हाशमी को 10 लाख मत मिले।

हेम्माती और रेजाई ने रईसी को इस जीत पर बधाई दे दी है। हेम्माती ने कहा, मुझे आशा है कि आपका प्रशासन ईरान के इस्लामी गणराज्य को गर्व करने का कारण प्रदान करेगा। रेजाई ने कहा, मेरे आदरणीय भाई डॉ. सैयद इब्राहीम रईसी का चयन देश की समस्याओं को हल करने के लिए एक मजबूत और लोकप्रिय सरकार की स्थापना का वादा करता है।

पद संभालने से पूर्व प्रतिबंधित कर चुका है अमेरिका
इब्राहिम रईसी की जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद वे देश के ऐसे पहले ईरानी राष्ट्रपति होंगे जिन पर पदभार संभालने से पहले ही अमेरिका प्रतिबंध लगा चुका है। उन पर यह प्रतिबंध 1988 में राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया था।

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ईरान में मजबूत होंगे कट्टरपंथी

रईसी की जीत के साथ ही ईरान सरकार पर कट्टरपंथियों की पकड़ और मजबूत होना तय है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब ईरान के पटरी से उतर चुके परमाणु करार को बचाने की कोशिश के तहत वैश्विक ताकतों के साथ वियना में वार्ता जारी है। ईरान फिलहाल यूरेनियम का बड़े स्तर पर संवर्धन कर रहा है। इसे लेकर अमेरिका व इस्राइल के साथ उसका तनाव जारी है। उधर, प्रतिबंधों के तहत उसकी अर्थव्यवस्था भी तेल और गैस की बिक्री रुकने के कारण खस्ताहाल है। ऐसे में कट्टरपंथियों का मजबूत होकर उभरना समझौते की राह में बड़ा रोड़ा बन सकता है। 

मजहबी आस्था के प्रतीक हैं रईसी
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख रहे मौलवी रईसी ने ईरानी मतदाताओं वादा किया है कि वे देश में भ्रष्टाचार पर काबू पाने के साथ आर्थिक समस्याओं को दूर करेंगे। वे ईरान की सबसे समृद्ध सामाजिक संस्था और मशहाद शहर में मौजूद आठवें शिया इमाम अली रजा की पवित्र दरगाह आस्तान-ए-कुद्स के संरक्षक भी रह चुके हैं। रईसी हमेशा काली पगड़ी बांधते हैं जो इस बात का प्रतीक है कि व सैय्यद हैं।

पहले से पक्की हो चुकी थी जीत
राष्ट्रपति चुनावों से पहले गार्जियन काउंसिल ने उम्मीदवारों के लिए कड़े नियम लागू किए थे। इसके चलते केवल सात उम्मीदवार ही चुनावी दौड़ में शामिल हुए। संसद के पूर्व स्पीकर अली लारिजानी समेत कई उम्मीदवारों को राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल होने से पहले ही अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस फैसले को सर्वोच्च नेता खामनेई का भी समर्थन मिला। यह सब रईसी के लिए एक तरह से जीत पक्की कर गया।
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