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राष्ट्रपति ने कहा 'लोकतंत्र का हर अंग अपने दायरे में रहकर करे काम'

Sat, 16 Apr 2016 09:33 PM IST
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल
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- फोटो : PTI
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लोकतंत्र के हर अंग को अपने दायरे में रहकर काम करना चाहिए और दूसरे अंग के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र के तीनों स्तंभों के बीच में संतुलन ही संविधान को बचा कर रखेगा। शनिवार को भोपाल में सुप्रीम कोर्ट के जजों के एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट 60 फीसदी स्टाफ के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन हमें त्वरित न्याय की व्यवस्था बनानी पड़ेगी। तभी लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा कायम रह पाएगा।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को भोपाल में ज्यूडिशियल अकादमी में ‘रिट्रीट ऑफ जजेस’ के विशेष सत्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होेंने कहा कि आम आदमी के लिए न्याय सस्ता, सुलभ और त्वरित होना चाहिए। यह अच्छी पहल है कि जजेस ओपन फोरम पर समसामयिक चुनौतियों के बारे में चर्चा कर रहे हैं, लेकिन यह नियमित होना चाहिए। इसके पहले वर्ष 2009 में यह रिट्रीट हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है, उससे असमानताएं भी बढ़ रही हैं।

यह चिंताजनक है और हमें इस दिशा में काम करने की जरूरत है। एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव हर पांच साल में एक साथ होना चाहिए। साथ ही चुनाव के खर्च का पैसा सरकार वहन करे, तो इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। चुनावी चंदा भ्रष्टाचार की बड़ी वजह है। राष्ट्रपति शुक्रवार शाम को भोपाल आए थे और राजभवन में रुके थे। उन्होंने शनिवार सुबह राजभवन में नए बने गेस्ट हाउस क्षिप्रा का लोकार्पण भी किया।
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