प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपनी पहली साइप्रस यात्रा पर पहुंचे। यह देश भूमध्यसागर क्षेत्र में स्थित है। उनके आगमन पर साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस दौरे को दोनों देशों के बीच मजबूत और गहरे संबंध का प्रतीक बताया है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान किन-किन कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
भारत मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने लिमासोल में भारत-साइप्रस CEO फोरम को संबोधित करते हुए कहा, 'मुझे यह जानकर खुशी हुई कि साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) ने मेरे गृह राज्य गुजरात में GIFT सिटी में सहयोग करने को लेकर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले महीने भारत और ब्रिटेन के बीच एक महत्वाकांक्षी FTA पर सहमति बनी थी। अब हम इस साल के अंत तक भारत और ग्रीस के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उद्योग और व्यापार जगत के लोगों को भारत आने का निमंत्रण
उन्होंने कहा, 'मैं भारत, साइप्रस और ग्रीस व्यापार और निवेश परिषद की स्थापना का स्वागत करता हूं। यह एक बहुत अच्छी पहल है और आर्थिक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन सकती है। सभी लोगों ने जो विचार और सुझाव दिए, उसे मेरी टीम ने नोट किया है। हम एक कार्य योजना बनाएंगे।' पीएम मोदी ने व्यापार जगत के लोगों को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत विश्व में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर भारत तेजी से बढ़ रहा है। सबसे तेजी से बढ़ती उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत की नीति स्पष्ट है। देश ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल क्रांति का अनुभव किया है। दुनिया भर में 50% डिजिटल लेन-देन यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से हो रहा है। यह डिजिटल परिवर्तन देश के लिए एक बड़ा बदलाव रहा है। इससे वित्तीय समावेशन और नवाचार को बढ़ावा मिला है।
साइप्रस को भी यूपीआई में शामिल करने के लिए बातचीत
देश की राजनीतिक स्थिति को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ऐसा 6 दशक बाद हुआ है कि लगातार तीसरी बार एक ही सरकार चुनी गई है। पिछले 10 वर्षों में डिजिटल क्रांति हुई है। वित्तीय समावेशन इसका एक उदाहरण बन गया है। प्रधानमंत्री ने फ्रांस की तरह साइप्रस को भी यूपीआई में शामिल करने के लिए हो रही बातचीत का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "फ्रांस जैसे कई देश इससे जुड़े हुए हैं। साइप्रस को इसमें शामिल करने के लिए बातचीत चल रही है।
फोकस क्षेत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया
उन्होंने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और भविष्य के लिए विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने नए विनिर्माण मिशन, समुद्री और बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण और तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन क्षेत्र सहित फोकस क्षेत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।
साइप्रस के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स पर एक वीडियो संदेश में यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, हमारे साइप्रस के साथ संबंध ऐतिहासिक, आत्मीय और स्थायी हैं। आज जब प्रधानमंत्री हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो खुद साइप्रस के राष्ट्रपति ने उनका स्वागत किया। यह इस बात का संकेत है कि हमारे संबंध कितने मजबूत हैं। यह साइप्रस की तरफ से एक विशेष भाव था।
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जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति निकोस एक व्यापारिक बैठक करेंगे, जिसमें भारत और साइप्रस के बीच व्यापारिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नए विचारों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि व्यापार साझेदारी में डाटा, नवाचार, डिजिटल भुगतान, जहाज निर्माण और बंदरगाज जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
प्रधानमंत्री के लिए साइप्रस के राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह होगा। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी और फिर मीडिया को संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री साइप्रस से अपने अगले देश की यात्रा के लिए रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति निकोस प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में एक विशेष भोज आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा, आज शाम राष्ट्रपति निकोस, प्रधानमंत्री के लिए एक निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साइप्रस के लिमासोल शहर में भारतीय समुदाय ने स्वागत किया। वह तीन देशों की यात्रा के तहत साइप्रस पहुंचे हैं, जिसमें कनाडा और क्रोएशिया की यात्रा भी शामिल है। प्रधानमंत्री के होटल पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों ने फूलों के साथ उनका स्वागत किया और प्रधानमंत्री ने भी उनसे बातचीत की और उनका आभार जताया। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली आधिकारिक यात्रा है। भारत और साइप्रस के राजनयिक सूत्रों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में भारती समुदाय के प्रेम और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने लिखा, मैं भारतीय समुदाय के स्नेह के लिए धन्यवाद करता हूं। भारत आने वाले समय में साइप्रस के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने की दिशा में कार्य करता रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी के साथ लगभग 100 अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी साइप्रस की यात्रा पर गया है। यह यात्रा राष्ट्रपति निकोस के निमंत्रण पर हो रही है।
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यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि साइप्रस ने कश्मीर, सीमा पार आतंकवाद और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे मुद्दों पर भारत के रुख का हमेशा समर्थन किया है। इसके अलावा, 1 जनवरी से साइप्रस यूरोपीय संघ की परिषद की रोटेशनल अध्यक्षता संभालेगा। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत के लिए यूरोप तथा भूमध्यसागर क्षेत्र में संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब इससे आठ साल पहले 2017 में साइप्रस के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोस अनास्तासियादेस ने भारत की यात्रा की थी। अब प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के मजबूत और भविष्य उन्मुख संबंधों की पुष्टि करती है।