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तीन देशों के दौरे पर जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू: क्या है मकसद, यूरोप में भारत ने क्यों बढ़ाई सक्रियता?

Fri, 17 Jul 2026 06:35 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई तक मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की यात्रा करेंगी। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय राष्ट्रपति मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया जाएंगी, जबकि 30 साल बाद रोमानिया का दौरा होगा। इस यात्रा का मकसद इन देशों के साथ भारत के संबंधों और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है। पढ़िए रिपोर्ट-
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द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई तक मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा करेंगी। इस यात्रा का मकसद इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 
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विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू की तीन देशों की यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के व्यापक संबंधों और यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

पहली बार भारतीय राष्ट्रपति का दौरा
एमईए में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, तीन देशों की यह यात्रा ऐतिहासिक रूप से काफी अहम है, क्योंकि यह मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी, जो किसी भारतीय राष्ट्रपति की ओर से की जा रही है।
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उन्होंने कहा, रोमानिया की यात्रा भी तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इससे पहले 1994 में भारतीय राष्ट्रपति ने रोमानिया का दौरा किया था।

जॉर्ज ने कहा, तीन देशों की यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के बढ़ते संबंधों को दर्शाती है। यह इस क्षेत्र के देशों के साथ साझेदारी मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराती है। साथ ही यह यूरोप के साथ भारत के व्यापक संबंधों और यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक साझेदारी को भी आगे बढ़ाती है।

मोल्दोवा में क्या कार्यक्रम रहेगा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू 20 जुलाई को मोल्दोवा जाएंगी। यह यात्रा मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सांडू के निमंत्रण पर हो रही है। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी।

यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू अपनी समकक्ष से मुलाकात करेंगी और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी। वह मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसू से भी मुलाकात करेंगी।

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इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मू मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से बातचीत करेंगी, एक व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच गर्मजोशी और मित्रतापूर्ण संबंध हैं। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक अहम और ऐतिहासिक पड़ाव होगी तथा द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने में मदद करेगी। 

मंत्रालय ने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य सेवा और दवाइयों, सूचना प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच पारस्परिक लाभ वाले सहयोग की अच्छी संभावनाएं हैं।

उत्तरी मैसेडोनिया की यात्रा
उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्दाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मू 21 से 22 जुलाई तक उत्तरी मैसेडोनिया जाएंगी।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू वहां राष्ट्रपति गोर्दाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। वह प्रधानमंत्री ह्रिस्तियान मित्सकोस्की और संसद के अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, वह उत्तरी मैसेडोनिया की संसद को संबोधित करेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू भारत-उत्तरी मैसेडोनिया व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगी। विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों देशों की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे कृषि, दवा, विज्ञान और तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं में आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में रुचि है। 

23-25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी मुर्मू
रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मू 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया जाएंगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह तीन दशक से अधिक समय के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली यात्रा होगी।

यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू रोमानिया के राष्ट्रपति, कार्यवाहक प्रधानमंत्री इलिये बोलोजान, सीनेट के अध्यक्ष मिर्चा अब्रूडियन और चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडीनु से मुलाकात करेंगी।

वह रोमानिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मू भारत-रोमानिया व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगी।
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विदेश मंत्रालय ने कहा, रोमानिया यूरोपीय संघ में भारत का एक अहम साझेदार है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने के बाद आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी। 
 
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