राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तटीय राज्य की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के समापन से पहले गुरुवार को गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस और दो मंदिरों में पूजा की। इसकी जानकारी एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में दी गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तटीय राज्य की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के समापन से पहले गुरुवार को गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस और दो मंदिरों में पूजा की। राष्ट्रपति ने राज्य के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य लोगों के साथ सुबह ओल्ड गोवा में बेसिलिका ऑफ बोम जीसस का दौरा किया। इसकी जानकारी एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में दी गई।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने शांतादुर्गा मंदिर और महालसा नारायणी मंदिर में पूजा करके अपनी गोवा यात्रा का समापन किया।बाद में वह दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
इससे पहले बुधवार को मुर्मू ने गोवा विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित किया और 2040 तक एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया, जिसमें देश मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध हो।
उन्होंने बुधवार को यहां राजभवन के पास गोवा विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह में भी भाग लिया और देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डाविज्ञान जैसे क्षेत्रों में विश्व स्तरीय क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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समान नागरिक संहिता की सराहना की
वहीं मंगलवार को राष्ट्रपति राजभवन में उनके लिए आयोजित एक नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुई थीं।यहां उन्होंने गोवा में समान नागरिक संहिता की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है और देश के लिए एक अच्छा उदाहरण है।