राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शेगांव में राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है। उन्होंने जंगलों के खत्म होने और औषधीय पौधों की कमी पर चिंता जताई और कहा कि बीमारी से बचाव से स्वास्थ्य सेवा पर दबाव भी कम होता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को औषधीय पौधों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारती है बल्कि मिट्टी की सेहत और पर्यावरण संतुलन के लिए भी जरूरी है। राष्ट्रपति ने बताया कि अच्छे स्वास्थ्य को जीवन की असली खुशी माना जाता है और स्वस्थ नागरिक देश को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। बता दें कि मुर्मू ने यह बात महाराष्ट्र के बुलढाणा के शेगांव में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का उद्घाटन करते हुए कही।
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शेगांव के गजानन मंदिर में पूजा-अर्चना भी की
उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान, नवाचार और वैश्विक सहयोग से आयुष को सरल, सुलभ और लोकप्रिय बनाया जा सकेगा। इसके जरिए इसे समकालीन स्वास्थ्य प्रणाली में सफलतापूर्वक शामिल किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रपति ने शेगांव स्थित गजानन महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने गजानन महाराज के जीवन को लोगों की सेवा के लिए समर्पित बताया और उनके 'गण गण गणत बोते' के संदेश को सभी जीवों के प्रति समान दृष्टिकोण का मार्गदर्शन बताया।
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