सोमनाथ चटर्जी के बारे में बात करते हुए लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी भावुक हो गईं। उन्होंने रोते हुए कहा, 'माननीय सोमनाथ चटर्जी जी के आज सुबह मुझे निधन के बारे में पता चला। वास्तव में सोमनाथ दा मेरे बड़े भाई जैसे थे। हमारी विचारधारा अलग थी लेकिन फिर भी जब से मैंने संसद में कदम रखा, 89 में.. तब से मैं उन्हें काम करते हुए देखती थी। जिस तरीके से वो मुद्दे उठाते थे, जिस तरह से अलग-अलग नियमों का उपयोग करते हुए वो.. चाहे वो शॉर्ट क्योसशन हो या कोलिंग अटेंशन हो.. बहुत बार ये मैंने देखा है उनको करते हुए। तो हर नियम का उपयोग करते हुए मुद्दे कैसे उठाने हैं ये एक प्रकार से हम उनसे समझते थे। उनका कार्यकाल मेेरे लिए गाइडेंस की तरह था। कई सारी चीजें मैंने उनसे सीखीं। बड़े भाई के रूप में मुझे गाइड करते थे। वह एक व्यक्ति के नाते केयरिंग, स्ट्रांग पर्सनेलिटी वाले व्यक्ति थे। उनकी ओर से एक खत भी जारी किया गया है।
सीपीआई एम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की असेंबली के बाद उनके शरीर को अस्पताल को सौंप दिया जाएगा। परिवार से बातचीत करने के बाद अंतिम कार्यक्रम तय किया जाएगा।