दिल्ली विधानसभा से पारित न्यूनतम वेतन (दिल्ली) संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब दिल्ली में तय न्यूनतम मजदूरी नहीं देने वालों पर कानून का शिकंजा कसेगा। नियोक्ता के लिए 20 हजार रुपये जुर्माने के साथ तीन साल तक की सजा का भी प्रावधान है। राजधानी में न्यूनतम वेतन 13,896 रुपये है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई महीने बाद विधेयक को मंजूरी मिली है। इससे ऐसे नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई संभव होगी, जो न्यूनतम वेतन नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार ऐसे लोगों पर कानूनन सख्त कार्रवाई करेगी।
इससे पहले बीते साल अगस्त महीने में दिल्ली विधानसभा ने विधेयक पास किया था। उस वक्त सरकार का कहना था कि अभी दिल्ली में न्यूनतम वेतन न देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान नहीं थे। कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विधेयक लाना पड़ा।
इससे पहले केवल 500 रुपये जुर्माने और छह महीने तक की सजा का ही प्रावधान था। राजधानी में अकुशल मजदूरों के लिए 13,896, अर्ध कुशल के लिए 15,296, कुशल के लिए 16,858 रुपये मासिक वेतन निर्धारित है।
इसके अलावा दसवीं फेल के लिए 15,296, दसवीं पास के लिए 16,858 और ग्रेजुएट एवं ज्यादा शिक्षित के लिए 18,332 रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन है। दिल्ली कैबिनेट ने 25 फरवरी 2017 को यह दरें लागू की थीं।