राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यांगों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक पर अधिक जोर देने की बात कही है। उन्होंने शनिवार को कहा कि शिक्षा में भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने और विकलांग बच्चों के लिए शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए काम करना चाहिए। ताकि वह भी सम्मानित जीवन जी सकें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। इसमें व्यक्तियों के अलावा दिव्यांगों के लिए काम करने वाले संस्थानों, संगठनों, राज्यों और जिलों को भी पुरस्कृत किया गया।
भारत की दो प्रतिशत से अधिक जनसंख्या विकलांग
कार्यक्रम में मोजूद लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के अनुसार, दुनिया में एक अरब से अधिक लोग विकलांग हैं। इसका मतलब है कि दुनिया का लगभग हर आठवां व्यक्ति किसी न किसी रूप में विकलांग है। भारत की दो प्रतिशत से अधिक जनसंख्या विकलांग व्यक्तियों की है। इसलिए, यह सुनिश्चित करना सभी का दायित्व बनता है कि विकलांग व्यक्ति स्वतंत्र रूप से एक सम्मानित जीवन जी सकें।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी हमारा कर्तव्य है कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले, वे अपने घरों और समाज में सुरक्षित रहें, उन्हें अपना करियर चुनने की आजादी हो और रोजगार के समान अवसर हों। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में अक्षमता को कभी भी ज्ञान प्राप्त करने और उत्कृष्टता हासिल करने में बाधक नहीं माना गया है।
दिव्यांगजन होते हैं काबिल
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अक्सर देखा गया है कि दिव्यांगजन दैवीय गुणों से संपन्न होते हैं और काबिल होते हैं। ऐसे असंख्य उदाहरण हैं जिनमें हमारे दिव्यांग भाई-बहनों ने अपने अदम्य साहस, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर कई क्षेत्रों में प्रभावशाली उपलब्धियां हासिल की हैं। अगर ऐसे ही और दिव्यांगों को पर्याप्त अवसर और अवसर मिले तो वह भी अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर पाएंगे।
दिव्यांगों के लिए अवसर के लिए सरकार ने की पहल- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने उनके लिए अवसर सृजित करने के लिए कई पहल की हैं। ताकि वे चमक सकें। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं अपनी दिव्यांग बहनों और भाइयों की दृढ़ता और उपलब्धियों की सराहना करता हूं। हमारी सरकार ने कई पहल की हैं, जिन्होंने विकलांग व्यक्तियों के लिए अवसर पैदा किए हैं और उन्हें चमकने में सक्षम बनाया है।