राष्ट्रपति मुर्मू ने सुबह 11.27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले जेट के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। यह उड़ान लगभग 30 मिनट तक चली और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यहाँ वायुसेना स्टेशन पर वापस लौटी। राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी उड़ा रहे थे। इस लड़ाकू विमान ने समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी।
राष्ट्रपति मुर्मू के नाम रिकॉर्ड दर्ज
सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू ने 8 अप्रैल, 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी और वह ऐसा करने वाली तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने क्रमशः 8 जून, 2006 और 25 नवंबर, 2009 को पुणे के पास लोहेगांव वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी।
शिवांगी सिंह कौन हैं?
उत्तर प्रदेश के प्राचीन शहर वाराणसी के फुलवरिया रेलवे क्रासिंग के पास एक सामान्य परिवार में जन्मीं शिवांगी सिंह ने अपने छोटे-से घर से ऊंचे सपने देखे। पिता कुमारेश्वर सिंह, माता सीमा सिंह और तीन भाई-बहनों के इस परिवार में संस्कारों के साथ-साथ देशसेवा की भावना भी गहराई से रची-बसी थी। उनके नाना बीएन सिंह, भारतीय सेना में कर्नल थे।
पायलट शिवांगी सिंह की शिक्षा
शिवांगी ने वाराणसी के सेंट मेरीज स्कूल और बाद में सेंट जोजर्स कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली शिवांगी ने 12वीं में 89% अंक हासिल किए। उन्होंने सनबीम विमेंस कॉलेज, भगवानपुर से बीएससी की डिग्री ली और साथ ही NCC से जुड़कर अपने सैन्य सपनों को आकार देना शुरू किया। खेल के मैदान में भी वह उतनी ही निपुण रहीं। उन्होंने जैकलिन थ्रो में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता। गणतंत्र दिवस परेड 2013 में उत्तर प्रदेश एनसीसी दल का प्रतिनिधित्व भी किया।