'विभाजन की विभीषिका को न भूलें'
राष्ट्रपति ने कहा- अतीत को देखते हुए, हमें देश के विभाजन से हुई पीड़ा को कदापि नहीं भूलना चाहिए। आज हमने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया। विभाजन के कारण भयावह हिंसा देखी गई और लाखों लोगों को विस्थापित होने के लिए मजबूर किया गया। आज हम इतिहास की गलतियों के शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
'न्याय, स्वतंत्रतता, समता और बंधुत्व- संविधान के चार मूल्य'
राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे कहा, प्यारे देशवासियों, हमारे संविधान में ऐसे चार मूल्यों का उल्लेख है, जो हमारे लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाए रखने वाले चार स्तंभ हैं। ये मूल्य हैं- न्याय, स्वतंत्रतता,समता और बंधुत्व। ये हमारी सभ्यता के ऐसे सिद्धांत हैं, जिन्हें हमने स्वाधीनता संग्राम के दौरान पुन: जीवंत बनाया। मेरा मानना है कि इन सभी मूल्यों के मूल में व्यक्ति की गरिमा की अवधारणा विद्यमान है।
सभी समान, सबके साथ गरिमापूर्ण व्यवहार हो- राष्ट्रपति
इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा- प्रत्येक व्यक्ति समान है और सभी को यह अधिकार है कि उनके साथ गरिमापूर्ण व्यवहार हो। स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा-सुविधाओं तक, सभी की समान पहुंच होनी चाहिए। सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। जो लोग पारंपरिक व्यवस्था के कारण वंचित रह गए थे। उन्हें मदद की जरूरत थी। इन सिद्धांतों को सर्वोपरि रखते हुए हमने 1947 में हमने एक नई यात्रा शुरू की।
'स्वाधीनता के समय घोर गरीबी से जूझ रहा था भारत'
राष्ट्रपति में भारत की आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी हुकूमत की लंबी अवधि के बाद स्वाधीनता के समय भारत घोर गरीबी से जूझ रहा था। लेकिन तब से अब तक के 78 वर्षों में हमने सभी क्षेत्रों में अशाधारण प्रगति की है। भारत ने आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने के मार्ग पर काफी दूरी तय कर ली है और प्रबल आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता जा रहा है। आर्थिक क्षेत्र में हमारी उपलब्धियां साफ-साफ देखी जा सकती हैं।
कश्मीर घाटी में रेल-संपर्क प्रमुख उपलब्धि- राष्ट्रपति
इस दौरान राष्ट्रपति ने कश्मीर के विकास पर कहा कि कश्मीर घाटी में रेल-संपर्क का शुभांरभ करना, एक प्रमुख उपलब्धि है। शेष भारत के साथ घाटी का रेल संपर्क उस क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा और नई आर्थिक संभावनाओं के द्वार खोलेगा। कश्मीर में इंजीनियरिंग की यह असाधारण उपलब्धि हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
'शहरों की स्थिति सुधारने पर सरकार विशेष ध्यान'
राष्ट्रपति ने कहा- देश में शहरीकरण तेज गति से हो रहा है। इसलिए शहरों की स्थिति सुधारने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। शहरी परिवहन के प्रमुख क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए, सरकार ने मेट्रो रेल सुविधाओं का विस्तार किया है। पिछले एक दशक के दौरान मेट्रो रेल-सेवा की सुविधा से युक्त शहरों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। शहरों का कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन यानी अमृत ने यह सुनिश्चित किया है कि अधिक से अधिक घरों में नल से पानी की भरोसेमंद आपूर्ति हो और सीवेज कनेक्शन सुविधा उपलब्ध हो।
हम क्रांतिकारी बदलाव देख रहे हैं- राष्ट्रपति
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा- अपने तरह की विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य-सेवा योजना, 'आयुष्मान भारत' के अंतर्गत, कई कदम उठाए गए हैं। उन प्रयासों के परिणाम स्वरूप स्वास्थ्य-सेवा के क्षेत्र में, हम क्रांतिकारी बदलाव देख रहे हैं। 'आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 55 करोड़ से अधिक लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है। सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना की सुविधा उपलब्ध करा दी है, चाहे उनकी आय कितनी भी हो।
'भारत में सबसे अधिक प्रगति, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हुई'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- भारत में सबसे अधिक प्रगति, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हुई है। लगभग सभी गांवों में 4G मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है और इससे डिजिटल भुगतान तकनीकी को बड़े पैमाने पर अपनाना संभव हो पाया है। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत, कम समय में ही, विश्व का अग्रणी देश बन गया है। इससे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को भी बढ़ावा मिला है। दुनिया में होने वाले कुल डिजिटल लेनदेन में से, आधे से अधिक लेनदेन भारत में होते हैं।