राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि तकनीकी सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे पूरी दुनिया को जूझना पड़ा है। सेना के सुप्रीम कमांडर ने शनिवार को सेना के युवा इंजीनियरों को नसीहत दी कि वह नई तकनीकी से खुद को बेखबर रखें और सशस्त्र सेना में उसका इस्तेमाल करें।
राष्ट्रपति यहां मिलीट्री इंजीनियरिंग कॉलेज के दीक्षांत समारोह में युवा इंजीनियरों से कहा कि वह खुद को एक अच्छे इंजीनियर और अच्छे सैनिक की दोहरी भूमिका के लिए तैयार रखें। प्रणब मुखर्जी ने कहा कि नई चुनौतियां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मोर्चों पर हैं।
उन्होंने कहा कि सभी चुनौतियों में टेक्नोलॉजी सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे आज पूरा विश्व जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए आपको तकनीकी जानकारी मुहैया कराने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। मुखर्जी ने कहा कि छात्रों के लिए अगली चुनौती सशस्त्र सेनाओं के लिए तकनीकी को बारीक रूप से सुलझाना है। दूरदराज के इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।