फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: उत्तर प्रदेश के गांवों में होगी घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना, एलपीजी की खपत में आएगी 70% तक की कमी

Thu, 17 Jul 2025 05:08 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बायोगैस यूनिटों की स्थापना सीधे किसानों के घरों या खेतों के पास की जाएगी। बायोगैस यूनिटों की स्थापना से रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की खपत में करीब 70% तक की कमी आएगी।

विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के गांवों में ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की शुरुआत हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा। इस योजना से न केवल घरेलू रसोई गैस की खपत में भारी कमी आएगी, बल्कि जैविक/ प्राकृतिक खाद के उत्पादन से कृषि को भी नई दिशा मिलेगी। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि गांवों में घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना से रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की खपत में करीब 70% तक की कमी आएगी। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

किसानों के दरवाजे पर स्थापित होगी बायोगैस यूनिट

योगी सरकार की योजना है कि केवल गोशालाओं तक सीमित न रहते हुए यह मॉडल किसानों के दरवाजे तक पहुंचे। बायोगैस यूनिटों की स्थापना सीधे किसानों के घरों या खेतों के पास की जाएगी, जिससे वे स्वयं के उपयोग के लिए गैस और खाद दोनों का उत्पादन कर सकें। इससे खेती की लागत में भारी कमी आएगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। योजना को मनरेगा से भी जोड़ा गया है।  इसकी वजह से ग्रामीण किसानों को व्यक्तिगत पशुशाला निर्माण का लाभ मिलेगा। गोबर का उपयोग बायोगैस यूनिट में कर किसान खुद की रसोई के लिए गैस बना सकेंगे। वहीं, इससे निकलने वाली स्लरी जैविक खेती के काम आएगी। इससे किसान गैस व खाद दोनों में आत्मनिर्भर बनेंगे। अभी इसके लिए 43 गोशालाओं में बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों से शुरुआत होने जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें