फ्लैग मार्च करते सीआपीएफ के जवान
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लॉकडाउन 2.0 खुलने के बाद केंद्रीय सुरक्षा बलों के 1.70 जवानों को क्वारंटीन में भेजा जाएगा। ये सभी वे जवान हैं, जो इस समय छुट्टी पर हैं। लॉकडाउन के चलते इनकी छुट्टियां तीन मई तक बढ़ा दी गई थीं। चूंकि अभी तक इन जवानों की कोई जांच नहीं हुई है, इसलिए जब ये छुट्टी से लौटेंगे तो पहले इन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन में भेजा जाएगा।
इसके लिए बटालियन स्तर पर भी अब क्वारंटीन सेंटर तैयार कराए जा रहे हैं।
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के वे अधिकारी और जवान जो लॉकडाउन 1 से पहले छुट्टी पर गए थे, वे लॉकडाउन 2.0 में भी घर पर रह रहे हैं। विभिन्न बलों की ओर से उन्हें मोबाइल फोन पर यह सूचना दी गई थी कि अभी ड्यूटी ज्वाइन करने की जरूरत नहीं है।
सुरक्षा बलों के आला अफसरों को उम्मीद है कि मई के पहले सप्ताह में बहुत से जवान अपनी ड्यूटी पर लौट सकते हैं। देश में कोरोना संक्रमण का प्रभाव अभी कम नहीं हुआ है, इसलिए छुट्टी से लौटने वाले जवानों की डब्लूएचओ और स्वास्थ्य मंत्रालय की नियमावली के मुताबिक जांच कराई जाएगी।
देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के डीजी डॉ. एपी महेश्वरी बताते हैं कि छुट्टी से वापस आने वाले जवानों को क्वारंटीन में रखना जरूरी है। अगर हमें बल के सभी जवानों को कोरोना जैसी महामारी से बचाना है तो उसके लिए यह आवश्यक है कि हम ड्यूटी ज्वाइन करने वाले सभी जवानों को क्वारंटीन में रखें।
इसके लिए पर्याप्त सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। मंगलवार को दिल्ली में सीआरपीएफ के एक जवान की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। छुट्टी से लौटने के बाद उस जवान को 14 दिन तक क्वॉरंटीन में रखा गया था।
सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में उनकी कुल संख्या का करीब 20 फीसदी स्टाफ छुट्टी पर है। सीआरपीएफ में 60 हजार, बीएसएफ में 50 हजार, एसएसबी में 15 हजार, आईटीबीपी में भी 15 हजार से अधिक, सीआईएसएफ में 30 हजार और असम राइफल में लगभग 13 हजार जवान छुट्टी पर बताए गए हैं। एनएसजी में भी करीब 14 सौ जवान छुट्टी पर हो सकते हैं।