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Tahawwur Rana: आतंकी तहव्वुर को जल्द भारत लाने की तैयारी, तारीख-समय के लिए यूएस के संपर्क में विदेश मंत्रालय

Sat, 15 Feb 2025 05:43 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

भारत 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल तहव्वुर राणा को जल्द से जल्द यहां लाने की तैयारी में जुट गया है। प्रत्यर्पण की तारीख और समय तय करने के लिए विदेश मंत्रालय अमेरिकी समकक्ष के संपर्क में है। सहमति बनते ही राष्ट्रीय जांच एजेंस् (एनआईए) की टीम अमेरिका रवाना हो जाएगी।
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तहव्वुर राणा - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर मुहर लगा दी। राजनीतिक सहमति के बाद भारत उसे जल्द से जल्द यहां लाने की तैयारी में जुट गया है। प्रत्यर्पण की तारीख और समय तय करने के लिए विदेश मंत्रालय अमेरिकी समकक्ष के संपर्क में है। सहमति बनते ही राष्ट्रीय जांच एजेंस् (एनआईए) की टीम अमेरिका रवाना हो जाएगी। उम्मीद है कि अगले महीने तक राणा भारत में होगा।

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दो वर्ष पूर्व अमेरिकी अदालत ने राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद, बीते महीने अमेरिकी अदालत ने प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया था। अब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से राणा को प्रत्यर्पित करने की घोषणा की है। अमेरिकी अदालत ने राणा को मुंबई हमले के एक अन्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली के साथ इस वारदात के साथ डेनमार्क में हमले की योजना की साजिश का दोषी करार देते हुए 14 साल की जेल की सजा सुनाई थी। अब राजनीतिक सहमति के बाद प्रत्यर्पण की सारी रुकावटें दूर हो गई हैं।
 

एनआईए करेगी पूछताछ
राणा को भारत ला कर एनआईए की अदालत में पेश किया जाएगा। एनआईए पूछताछ के लिए अदालत से उसकी हिरासत मांगेगी। इसके साथ ही भारत में राणा के खिलाफ मुंबई आतंकी हमला मामले में न्यायिक प्रक्रिया की शुरुआत होगी।

दूसरे मामले में गिरफ्तारी के बाद खुला भेद
राणा और मुंबई हमले के दूसरे मास्टर माइंड डेविड कोलमैन हेडली को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अक्तूबर 2009 में शिकागो एयरपोर्ट पर पकड़ा था। एफबीआई को सूचना मिली थी कि दोनों पैगंबर मोहम्मद का विवादास्पद कार्टून छापने वाले डेनमार्क के समाचार पत्र जिलैंड्स-पोस्टेन के कार्यालय पर हमले की साजिश रच रहे थे। इसी मामले में पूछताछ में दोनों ने मुंबई आतंकी हमला मामले में अपनी संलिप्ता स्वीकारी। चूंकि इस हमले में मरने वाले 164 लोगों में से छह अमेरिकी नागरिक थे। ऐसे में अमेरिकी अदालत ने राणा को 12 मामले में 14 साल की सजा सुनाई।
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पाकिस्तान मूल के लश्कर के आतंकी
राणा और हेडली दोनों पाकिस्तानी मूल के आतंकी संगठन लश्कर ए तयबा से जुड़े थे और आपस में गहरे दोस्त थे। राणा ने पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर में काम करने के बाद 2001 में कनाडा की नागरिकता ले ली।इसके बाद शिकागो में इमीग्रेशन और ट्रैवल एजेंसी खोली। बाद में राणा ने हेडली की मुंबई आतंकी हमले में मदद के लिए मुंबई में भी ट्रेवल एजेंसी खोली। इन दोनों की योजना 2005 में भी मुंबई के साथ कोपेनहेगन में एक साथ आतंकी हमला करने की थी।
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