दो वर्ष पूर्व अमेरिकी अदालत ने राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद, बीते महीने अमेरिकी अदालत ने प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया था। अब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से राणा को प्रत्यर्पित करने की घोषणा की है। अमेरिकी अदालत ने राणा को मुंबई हमले के एक अन्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली के साथ इस वारदात के साथ डेनमार्क में हमले की योजना की साजिश का दोषी करार देते हुए 14 साल की जेल की सजा सुनाई थी। अब राजनीतिक सहमति के बाद प्रत्यर्पण की सारी रुकावटें दूर हो गई हैं।
एनआईए करेगी पूछताछ
राणा को भारत ला कर एनआईए की अदालत में पेश किया जाएगा। एनआईए पूछताछ के लिए अदालत से उसकी हिरासत मांगेगी। इसके साथ ही भारत में राणा के खिलाफ मुंबई आतंकी हमला मामले में न्यायिक प्रक्रिया की शुरुआत होगी।
दूसरे मामले में गिरफ्तारी के बाद खुला भेद
राणा और मुंबई हमले के दूसरे मास्टर माइंड डेविड कोलमैन हेडली को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अक्तूबर 2009 में शिकागो एयरपोर्ट पर पकड़ा था। एफबीआई को सूचना मिली थी कि दोनों पैगंबर मोहम्मद का विवादास्पद कार्टून छापने वाले डेनमार्क के समाचार पत्र जिलैंड्स-पोस्टेन के कार्यालय पर हमले की साजिश रच रहे थे। इसी मामले में पूछताछ में दोनों ने मुंबई आतंकी हमला मामले में अपनी संलिप्ता स्वीकारी। चूंकि इस हमले में मरने वाले 164 लोगों में से छह अमेरिकी नागरिक थे। ऐसे में अमेरिकी अदालत ने राणा को 12 मामले में 14 साल की सजा सुनाई।