भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक द्विपक्षीय करार को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के तहत आगामी मार्च तक दोनों देशों के बीच मौजूदा 100 करोड़ डॉलर के व्यापार समझौते का और विस्तार होगा और इसमें बढ़ोतरी होगी। मार्च में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बांग्लादेश जाने वाले हैं और माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच अहम व्यापारिक समझौते होंगे।
पिछले हफ्ते नई दिल्ली में दोनों देशों के वाणिज्य सचिवों के बीच इस समझौते के कुछ ज़रूरी हिस्सों पर चर्चा हुई थी। बांग्लादेश मामलों के जानकार गौतम लाहिड़ी के मुताबिक बांग्लादेश भारत से कई मसलों पर रियायत चाहता है, खासकर जूट और प्याज़ के निर्यात को लेकर।
पिछले साल मोदी और शेख हसीना के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने इसके लिए एक संयुक्त कार्य समिति बनाई थी। भारत की ओर से वाणिज्य सचिव अनूप वाधवा और बांग्लादेश की और से वहां के वाणिज्य सचिव डॉ ज़फरुद्दीन की अगुवाई में समिति इस समझौते के तमाम आयामों पर काम कर रही है। समिति की इस बारे में 12 बैठकें हो चुकी हैं।