प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए बनाई खास रणनीति।
यूपी के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का आधार मजबूत करने में लगे प्रशांत किशोर (पीके) ने हर विधानसभा क्षेत्र में 20-20 तेजतर्रार कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करने का इरादा बनाया है। बूथ स्तर तक सक्रियता बरत सकने वाले इन कार्यकर्ताओं को सीयूजी ग्रुप से जोड़कर सूचना तंत्र मजबूत किया जाएगा।
जानकार बताते हैं कि पीके की मंशा हर विधानसभा क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानना है। राजनीतिक इतिहास के साथ भौगोलिक परिवेश, धर्म और जाति से जुड़ी समीकरणों को ध्यान में रखकर ही कांग्रेस उम्मीदवार तय करेगी। इसके लिए पारंपरिक सांगठनिक पदाधिकारियों की राय तक सीमित रहने की बजाय वह जमीनी सक्रियता बनाए रखने वालों से सीधे संपर्क के इच्छुक हैं।
यही वजह है कि विधानसभा क्षेत्रवार ऐसे कार्यकर्ताओं के नाम मांगे हैं, जो इलाके में सक्रियता के साथ-साथ राजनीति पर असर डालने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि की जानकारी ‘सूबे के चुनाव प्रबंधनतंत्र’ तक पहुंचा सकें। बीस नामों के चयन में कांग्रेस टिकट के दावेदारों की राय भी शामिल की जा रही है।
अपने सूचनातंत्र का आधार बनाने का काम गोपनीय तरीके से करने की योजना के चलते कांग्रेस के पदाधिकारी अभी इस मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं। इस बाबत पूछने पर कांग्रेस के प्रदेश संगठन मंत्री राष्ट्र कुंवर सिंह ने सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन यह स्वीकार किया कि ग्राउंड लेवल पर कांग्रेस की स्थिति के आकलन के लिए हाईटेक योजना बनाई जा रही है।