Prashant Bhushan, Arundhati Roy, Jignesh Mevani
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अरुंधती राय ने कहा कि सरकार ने यह सब कुछ जानबूझकर किया क्योंकि उन्हें पता था कि ऐसी गिरफ्तारी के विरोध में जोरदार आवाज उठेगी। और जितनी तेजी से यह आवाज उठेगी, लोगों के मन में सरकार के प्रति सहानुभूति पैदा होगी क्योंकि उनके मन में यह संदेश जाएगा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ कदम उठाना चाहती है, लेकिन उसे यह काम नहीं करने दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में किए गए कुछ सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में तेजी से गिरावट होने की बात सामने आई है। सरकार इस लोकप्रियता को सुधारने के लिए ही इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
गुजरात से दलित नेता और विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि सरकार दलित संगठनों का उभार सहन नहीं कर पा रही है। वह इसे हर हाल में रोकना चाहती है। अगर रोका न जा सके तो दलित संगठनों के आंदोलन को हिंसा के नाम पर बदनाम करने की साजिश की जा रही है जिससे लोगों के मन में दलितों और उनके आंदोलनों के प्रति सहानुभूति खत्म हो जाए।
उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव के भी ठीक पहले इसी प्रकार की साजिश रची गई थी और कई लोगों को निशाना बनाया गया था। ऐसा सिर्फ मोदी की गिरती लोकप्रियता को उठाने के लिए किया जा रहा है।