भ्रष्टाचार के आरोपी एक रियल इस्टेट कंपनी के उपाध्यक्ष को रविवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। बिल्डर के खिलाफ लुकआउट नोटिस (एलओसी) जारी था और आव्रजन अधिकारियों ने जिस वक्त उन्हें रोका, वह लंदन भागने की फिराक में थे।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि, बिल्डर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। एसएसपी ने कहा कि बिल्डर ने न केवल गरीबों को ठगा है, बल्कि अर्धसैनिक बलों के जवानों को धोखा दिया है।
नैथानी ने कहा कि बिल्डर खुद के खिलाफ एलओसी नोटिस जारी होने से अनभिज्ञ थे और वह पूरा पैसा लेकर देश छोड़कर भागने की फिराक में थे। उन्हें आपराधिक विश्वासघात, ठगी और धोखाधड़ी सहित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं में हिरासत में लिया गया है।
बिल्डर के विरुद्ध विभूतिखण्ड थाने में 406, 420, 467, 468, 471, 504, 506 की धाराओं में एफआईआर दर्ज है।
ठगी के आरोपी बिल्डर की गिरफ्तारी पर कंपनी ने कहा है कि वह देश से नहीं भाग रहे थे। शुक्रवार को उनकी लंदन से वापसी थी। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, बिल्डर खिलाफ लुकआउट नोटिस तीन एफआईआर पर आधारित है, जिनमें से एक को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया और अन्य दो केस शिकायतकर्ता के साथ सुलझा लिए गए हैं।
समझौते का दस्तावेज हाईकोर्ट और पुलिस के पास भी जमा करवा दिया गया है। इसके बावजूद एलओसी अब भी वापस नहीं हुआ। हम खरीदारों से बाकी के विवाद भी हल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।