संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने सोमवार को कहा कि कोरोना के कारण जहां तक सत्र के समय को कम करने का सवाल है, इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रस्ताव विपक्ष की ओर से ही आया था। सरकार बहुत उत्सुक है, जो भी लंबित बिल और अध्यादेश हैं, उसे पूरा किया जाना चाहिए।
दरअसल, इससे पहले खबर थी कि संसद में कई सांसदों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद संसद के मानसून सत्र में कटौती की जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में शामिल ज्यादातर पार्टियों के नेताओं ने सत्र को निर्धारित समय से पहले खत्म करने की पैरवी की थी।
गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने सरकार से कहा था है कि 18 दिनों का सत्र जोखिम भरा हो सकता है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र की शुरुआत 14 सितंबर से हुई थी और इसे एक अक्तूबर तक चलाया जाना है। मगर कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मानसून सत्र को जल्द समाप्त करने की संभावना जताई जा रही है।