फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उच्च शिक्षा की गुणवता में सुधार को लर्निंग आउटकम तैयार करा रहा केंद्र

Sun, 09 Sep 2018 02:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

रेटिंग और रैंकिंग गुणवत्ता की पहचान होती है। इसलिए दुनिया के शीर्ष संस्थानों में शामिल होने से पहले नेक एक्रीडिटेशन जरूरी है। इसी के चलते नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में रैंकिंग सुधारने के लिए कमेटी का गठन अनिवार्य किया गया। 

विज्ञापन


रेटिंग और रैंकिंग के चलते छात्रों को दाखिले से पहले संस्थान की जानकारी मिल जाएगी। यह जानना छात्र का अधिकार भी है। यह बात मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने वर्ल्ड समिट एक्रीडिटेशन 2018 के उद्घाटन के मौके पर कही।  

 उन्होंने बताया कि आने वाले समय में नैक और एबीए के अलावा आईआईटी, एम्स, आईआईएम जैसे दिग्गज संस्थान भी एक्रीडिटेशन दे सकेंगे। इसके अलावा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लर्निंग आउटकम तैयार किए जा रहे हैं। 
विज्ञापन


उच्च शिक्षा सचिव आर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि देश में फिलहाल पंद्रह फीसदी संस्थानों ने एक्रीडिटेशन ले रखा है। जबकि 85 फीसदी अभी भी बाहर हैं। इसलिए एक्रीडिटेशन प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव की जरूरत है।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें