अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने को लेकर उठे विवाद के बीच सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सिर्फ कलाकार ही क्यों, कोई भी आम आदमी अपने विचार प्रकट करने के लिए कहीं भी जा सकता है और इसमें कहीं कोई आपत्ति नहीं हो सकती।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जावड़ेकर ने संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा कि यह लोकतांत्रिक देश है। कोई कलाकार ही क्यों, कोई भी सामान्य व्यक्ति कहीं जा सकता है, अपनी राय रख सकता है। इसमें कोई आपत्ति नहीं, कभी किसी ने आपत्ति की भी नहीं। इस बारे में कई सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का मंत्री भी हूं और प्रवक्ता भी और मैं यह बात कह रहा हूं।
जावड़ेकर ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि देश के किसी हिस्से में कहीं भी हिंसा हो, तब हम उसकी भर्त्सना करते हैं। हमारा परिपक्व लोकतंत्र है और सभी को अपनी राय रखने का अवसर है। इसलिए हिंसा का देश में कोई स्थान नहीं है।
छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने दीपिका के प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आम लोगों से दीपिका की आने वाली फिल्म ‘छपाक’ का बायकाट करने की अपील की। इसके बाद देखते ही देखते सोशल मीडिया पर दीपिका की फिल्म के बहिष्कार अभियान शुरू हो गया।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) कैंपस में 5 जनवरी रविवार को छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। इससे दोनों पक्षों के 26 से अधिक छात्र घायल हो गए, जिनमें से 12 के सिर में गंभीर चोटें आईं। घायलों में छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष सहित महिला शिक्षक भी शामिल थी। जेएनयू छात्रसंघ ने मारपीट व तोड़फोड़ का एबीवीपी पर आरोप लगाया। जबकि, एबीवीपी का कहना है कि यह सब लेफ्ट ने किया।
बताया जाता है कि शाम के वक्त नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और हॉस्टल में घुसकर हमला किया। कई वाहनों को तोड़ दिया गया। घायलों को एम्स ट्रामा और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आरोप है कि हमलावर छात्राओें के हॉस्टल में भी घुस गए और मारपीट की। हमले की सूचना के बाद कई एंबुलेंस कैंपस पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।