प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा, टिपरा मोथा पार्टी सुप्रीमो
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त्रिपुरा विधानसभा में टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) सिर्फ 25-30 सीटों पर ही चुनाव लड़गी। टीएमपी के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा यह जानकारी दी। 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में, टीएमपी ने 42 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 13 सीटों पर जीत हासिल की थी। राज्य विधानसभा में 60 सीटें हैं। त्रिपुरा में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए 20 सीटें आरक्षित हैं, जबकि 22 अन्य विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी मतदाता एक महत्वपूर्ण वजह हैं। राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में टीएमपी की मजबूत उपस्थिति है।
अगर हम 20 सीटों पर चुनाव लड़ते, तो भाजपा फिर सत्ता में नहीं आती
देबबर्मा ने गुरुवार को त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के कथलिया-मिर्जा निर्वाचन क्षेत्र में पत्रकारों से कहा "अगर हमने सिर्फ 20 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ा होता, तो शायद भाजपा 2023 में दूसरी बार सत्ता में नहीं लौट पाती। अब हमें यह एहसास हो गया है। आने वाले विधानसभा चुनावों में हम 25-30 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।"
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टीएमपी के पास जनता का समर्थन -देबबर्मा
उन्होंने कहा, "हम तिप्रसा (आदिवासी) लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे, किसी भी पार्टी के खिलाफ नहीं। कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है, जबकि सीपीआई (एम) अपने पुराने रंग में रंग गई है और स्थानीय भाजपा नेता शोर मचा रहे हैं। पूरा जमीनी समर्थन टीएमपी के साथ है। आदिवासी लोगों के लिए कुछ भी किए बिना उन्हें चुनाव में वोट नहीं मिलेंगे।"
टिपरासा समझौते की स्थिति पर टीएमपी प्रमुख ने कहा, "मैंने दिल्ली में सभी से बात की है, और उन्होंने निजी तौर पर कहा है कि यह समझौता हो जाना चाहिए था। जब तक यह नहीं हो जाता, हम किसी पर भरोसा क्यों करें?" टीएमपी ने सितंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में स्वदेशी लोगों के समग्र विकास के लिए केंद्र और त्रिपुरा सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।