रिपोर्ट 932 कंपनियों से मिली जानकारी पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि सर्वे में शामिल 73 प्रतिशत उत्तरदाता एक से 6 महीने तक चलने वाले इंटर्नशिप कार्यक्रम को दक्षता के साथ कौशल विकास को संतुलित करने के लिए बेहतर मानते हैं।
भारतीय उद्योग जगत के 81 प्रतिशत से अधिक लोग प्रधानमंत्री की इंटर्नशिप योजना 2024 के पक्ष में हैं। इसके तहत कॉरपोरेट घरानों को अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल को जोड़ा गया है। टीमलीज एडटेक की बृहस्पतिवार को जारी सीखने से कमाई तक शिक्षा को रोजगार में बदलने में सीएसआर की भूमिका संबंधी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट 932 कंपनियों से मिली जानकारी पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि सर्वे में शामिल 73 प्रतिशत उत्तरदाता एक से 6 महीने तक चलने वाले इंटर्नशिप कार्यक्रम को दक्षता के साथ कौशल विकास को संतुलित करने के लिए बेहतर मानते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 76 प्रतिशत से अधिक कंपनियां अपने इंटर्नशिप कार्यक्रमों में प्रौद्योगिकी भूमिकाओं को प्राथमिकता दे रही हैं, जो उभरती मांगों को पूरा करने के लिए डिजिटल रूप से कुशल प्रतिभाओं पर उद्योग के फोकस को प्रदर्शित करता है। इसके अलावा, 73% कंपनियां इंटर्नशिप कार्यक्रमों के पूरा होने पर अपने कम से कम 10% इंटर्न को पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में नियुक्त करने का इरादा रखती हैं।
विज्ञापन
यह है योजना
केंद्रीय बजट 2024-25 के तहत शुरू की गई पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत शीर्ष 500 कंपनियों को अगले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रशिक्षु को 5,000 रुपये का मासिक वजीफा दिया जाएगा। कंपनियों को इस वजीफे के एक हिस्से और संबंधित प्रशिक्षण लागत को कवर करने के लिए सीएसआर फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
विस्तार की वकालत
रिपोर्ट में योजना के विस्तार को लेकर भी व्यापक समर्थन मिला। इसमें 81% कंपनियों ने सभी निगमों तक इसके विस्तार की वकालत की है। 34.43% ने अपने सीएसआर बजट का 20% तक इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए आवंटित करने की योजना बना रही हैं। 83.18% उत्तरदाताओं ने रोजगार क्षमता और कार्यबल की तैयारी को बढ़ाने के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ पीएम इंटर्नशिप योजना के संरेखण को मान्यता दी।