देश में योग्य डॉक्टरों की कमी और मेडिकल शिक्षा की खाई को पाटने के लिए नीति आयोग ने सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल की वकालत की है। इसके तहत मौजूदा और नए निजी कॉलेजों को जिला अस्पतालों से जोड़कर मेडिकल सीट को बढ़ाया जा सकता है।
सरकार के थिंक टैंक आयोग ने कहा कि मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फॉर सेटिंग अप मेडिकल कॉलेज अंडर दी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप’ मसौदा अंतरराष्ट्रीय स्तर के श्रेष्ठ मानकों पर आधारित है। इसी के तहत गुजरात और कर्नाटक में पीपीपी अनुबंधों पर संचालन हो रहा है।
आयोग ने कहा कि भारत में योग्य चिकित्सकों की भारी कमी है। केंद्र और राज्य सरकारों के लिये यह संभव नहीं है कि सीमित संसाधनों और धन के साथ चिकित्सा शिक्षा की खाई को पाट सके। इसके कारण पीपीपी मॉडल की आवश्यकता है।