आम लोगों की सब्जी कहे जाने वाले आलू और प्याज अब उनकी पहुंच से ही दूर हो रहे हैं। मौजूदा समय में एक एक किलो आलू और प्याज खरीदने के लिए 150 रुपये भी काफी नहीं है। पहले से ही कोरोना संकट की मार झेल रहे आम आदमी की परेशानी इन सब्जियों की कीमतों में आए उछाल से और बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आवश्यक जिंसों की कीमतों में तेजी, मजदूरी में गिरावट व बेरोजगारी बढ़ने से सरकारी राहत उपायों के बावजूद गरीब परिवारों की हालात बेहद खराब है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ दिहाड़ी मजदूर और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग ही नहीं मध्यवर्गीय परिवार के लिए भी रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है। दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में थोक व खुदरा बाजारों में आलू और प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार का कहना है कि भारी बारिश के कारण फसल खराब होने के चलते यह स्थिति बनी है।
दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव 21 अक्तूबर को 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गया था, जो जून में 20 रुपये किलो था। इसी तरह आलू भी 30 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। खास बात है कि कुछ महीने पहले तक भारत दोनों ही जिंसों को निर्यात कर रहा था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल जून तक भारत ने 8,05,259 टन प्याज का निर्यात किया था। वहीं मई तक 1,26,728 टन आलू का निर्यात किया गया था।