चुनावों में पोस्टरबाजी की कहानी: एमपी में कमलनाथ-शिवराज के खिलाफ कौन लगा रहा पोस्टर, पहले इनका कितना हुआ असर?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 14 Sep 2023 08:28 PM IST
सार
Poster War: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही पोस्टर वार तेज हो गया है। भोपाल की सड़कों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाए गए हैं। इस मामले में कांग्रेस ने भोपाल में एफआईआर भी कराई है। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल विधानसभा चुनावों में भी खूब पोस्टरबाजी हुई थी।
शिवराज सिंह चौहान-कमलनाथ
- फोटो : AMAR UJALA
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ ही पोस्टर प्रहार तेज हो गया है। राजधानी भोपाल की सड़कों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के खिलाफ विवादित पोस्टर दिखाई दिए। पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री के लिए 'करप्शन का हैवान' जैसे शब्द लिखे गए हैं। कांग्रेस ने इसके पीछे भाजपा का हाथ बताते हुए भोपाल में एफआईआर कराई है।
कमलनाथ के खिलाफ लगे पोस्टर के जवाब में कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जुड़ा विवादित पोस्टर ट्वीट किया। मध्यप्रदेश में इससे पहले भी कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ इस तरह के कई विवादित पोस्टर लगाए जा चुके हैं।
राज्यों में चुनावी पोस्टरबाजी का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है। हाल में संपन्न कर्नाटक विधाननसभा चुनाव और पिछले हुए हिमाचल चुनाव में भी पोस्टरों का काफी इस्तेमाल किया गया था। इस बीच सवाल उठते हैं कि आखिर मध्यप्रदेश में पोस्टरबाजी का मामला क्या है? इससे पहले किन चुनावों में इस तरह के हथकंडे अपनाए गए हैं? पिछले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी क्या ऐसी गतिविधियां हुई थीं? आइये जानते हैं...
शिवराज सिंह चौहान-कमलनाथ
- फोटो : AMAR UJALA
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ ही पोस्टर प्रहार तेज हो गया है। राजधानी भोपाल की सड़कों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के खिलाफ विवादित पोस्टर दिखाई दिए। पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री के लिए 'करप्शन का हैवान' जैसे शब्द लिखे गए हैं। कांग्रेस ने इसके पीछे भाजपा का हाथ बताते हुए भोपाल में एफआईआर कराई है।
कमलनाथ के खिलाफ लगे पोस्टर के जवाब में कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जुड़ा विवादित पोस्टर ट्वीट किया। मध्यप्रदेश में इससे पहले भी कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ इस तरह के कई विवादित पोस्टर लगाए जा चुके हैं।
राज्यों में चुनावी पोस्टरबाजी का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है। हाल में संपन्न कर्नाटक विधाननसभा चुनाव और पिछले हुए हिमाचल चुनाव में भी पोस्टरों का काफी इस्तेमाल किया गया था। इस बीच सवाल उठते हैं कि आखिर मध्यप्रदेश में पोस्टरबाजी का मामला क्या है? इससे पहले किन चुनावों में इस तरह के हथकंडे अपनाए गए हैं? पिछले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी क्या ऐसी गतिविधियां हुई थीं? आइये जानते हैं...
कमलनाथ-शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : Facebook
मध्यप्रदेश में पोस्टरबाजी का मामला क्या है?
इसी महीने की सात तारीख को शाहरुख खान की फिल्म 'जवान' रिलीज हुई थी। इसी फिल्म के पोस्टर को एडिट करके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के पोस्टर बनाए गए हैं। राजधानी की गलियों में लगे इन पोस्टर में न इन्हें चिपकाने वाले का नाम है न कोई पता। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि यह पोस्टर कमलनाथ की छवि खराब करने के लिए भाजपा की ओर से लगाए गए हैं।
'करप्शन नाथ' फिल्म के नाम से लगे इन पोस्टरों को राजधानी भोपाल की सभी मुख्य सड़कों पर देखा गया। ये पोस्टर न्यू मार्केट, 10. नं मार्केट, पीर गेट, डीबी माल के सामने, एमपी नगर, प्रगति पेट्रोल पंप, बिट्टन मार्केट, नादरा बस स्टैंड के साथ ही कांग्रेस कार्यालय के पास स्थित बस स्टॉप पर भी दिखाई दिए। इन पोस्टरों को लेकर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मिथुन अहिरवार का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी कमलनाथ की छवि खराब करने का काम कर रही है।
शिवराज सिंह चौहान-कमलनाथ
- फोटो : Facebook
पहले भी लग चुके पोस्टर
यह कोई पहला मौका नहीं है, जब इस तरह के पोस्टर सड़कों पर दिखाई दिए हों। इसके पहले भी ऐसा ही पोस्टर वार देखने को मिल चुका है। इसमें कांग्रेस से कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और भाजपा से सीएम शिवराज सिंह चौहान के एडिट किए पोस्टर देखने को मिल चुके हैं। 23 जून को पूर्व सीएम कमलनाथ के विवादित पोस्टर लगे थे। जिसमें उनको वांटेड और करप्शननाथ बताया गया था। इसमें कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कथित अधूरे वादों को गिनाया गया था। इसे कांग्रेस ने भाजपा की चाल बताया था।
उसी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पोस्टर लगाए गए आए थे। भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा के आसपास समेत अलग-अलग इलाकों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विवादित पोस्टर लगाए गए थे। इनमें फोन पे स्कैनर के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर लगी हुई थी। इसके ऊपर लिखा था 50 प्रतिशत लाओ, फोन पे काम कराओ। नीचे लिखा था एक्सेप्टेड मामा। ऐसे ही पोस्टर बुरहानपुर, सतना और अन्य जगहों में भी लगे।
कर्नाटक में पोस्टर वार
- फोटो : ANI
कर्नाटक में खूब चला पोस्टर वार
कर्नाटक में मई महीने में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने 'पेसीएम' पोस्टरों के जरिए पूरा प्रचार अभियान चलाया था। कर्नाटक में कांग्रेस के राज्य प्रमुख डीके शिवकुमार, तत्कालीन विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कांग्रेस नेताओं ने खुद बेंगलुरु में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के खिलाफ 'PayCM' के पोस्टर चिपकाए थे। बाद में उन्हें हिरासत में भी लिया गया था।
एमपी चुनाव 2018 में चर्चित हुए ये पोस्टर और विज्ञापन
- फोटो : BJP
पिछले एमपी चुनाव में चर्चित हुए पोस्टर और विज्ञापन
नवंबर-दिसंबर 2018 में मध्यप्रदेश में पिछला विधानसभा चुनाव हुआ था। उससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ पोस्टर और विज्ञापन जारी किए थे। इनकी टैगलाइन थी कि 'माफ करो महाराज, हमारे नेता शिवराज'। ये पोस्टर और विज्ञापन पूरे चुनाव प्रचार में छाये रहे थे।