बिहार में एनडीए के खेमे के तीनों दलों भाजपा, जेडीयू और लोकजन शक्ति पार्टी में सीटों की संख्या पर फैसला भले ही हो गया हो, लेकिन किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा, यह अभी भी तय नहीं हुआ है। इसी बीच भाजपा में टिकटों की दावेदारी शुरू हो गई है।
भाजपाई खेमे से खबर है कि पार्टी ने केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पटना साहिब से चुनाव लड़ाने का फैसला कर लिया है। इस सीट से इस समय भाजपा के शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं। उनके पार्टी विरोधी खेमेबाजी के कारण कानून मंत्री को कायस्थ वोट बहुल इस सीट से लड़ाने का फैसला किया गया है।
संभवतः यही कारण है कि कानून मंत्री आजकल लगातार पटना के दौरे पर जाते रहते हैं। वे विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये लोगों से सम्पर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सीट पर बीजेपी सांसद आरके सिन्हा के पुत्र ऋतुराज सिन्हा भी अपनी दावेदारी ठोंक रहे हैं। बताया जा रहा है कि रविशंकर प्रसाद अपनी हाई प्रोफाइल छवि के कारण इस सीट पर बाजी मार सकते हैं।
बक्सर से चौबे का टिकट कटेगा!
वहीं, भाजपा के दिग्गज चेहरों में से एक अश्विनी चौबे का टिकट कट सकता है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस समय बक्सर से सांसद चौबे की रिपोर्ट क्षेत्र में खराब बताई जा रही है, इसलिए उनका टिकट काटा जा सकता है।
हालांकि इस बात की भी संभावना है कि उन्हें बक्सर की बजाय उनके गृह क्षेत्र भागलपुर से मैदान में उतारा जाए। ब्राह्मण बाहुल्य सीट बक्सर से सुखदा पांडे के नाम की चर्चा चल रही है। पार्टी उन्हें इस चुनाव में बक्सर से मौका दे सकती है।
पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में से एक शाहनवाज हुसैन पिछली बार भागलपुर सीट से चुनाव हार गये थे। जानकारी के मुताबिक़ उन्हें किशन गंज सीट से मौका मिल सकता है।
पार्टी की नीतियों को मीडिया में बहुत सौम्यता के साथ रखने और अपने मृदु व्यवहार की वजह से वे लोगों के साथ-साथ पार्टी नेताओं से भी अच्छा संबंध रखते हैं। उन्हें इसका ईनाम किशन गंज से टिकट के रूप में मिल सकता है।
पाटलिपुत्र से यादव को मिल सकता है मौका
बिहार के लिए दूसरी प्रतिष्ठित सीट पाटलिपुत्र से एक बार फिर रामकृपाल यादव को मौका मिल सकता है। इस समय भी वे इसी सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पूर्व में लालू यादव परिवार के करीबी रहे रामकृपाल यादव का टिकट आरजेडी से कट रहा था।
बताया जाता है कि उनके अड़ने पर लालू के ज्येष्ठ पुत्र तेजप्रताप यादव ने उनसे अभद्र व्यवहार किया था क्योंकि लालू परिवार पाटलिपुत्र से मीसा भारती को चुनाव लड़ाना चाहता था। इससे खिन्न रामकृपाल यादव ने भाजपा का दामन थाम लिया था और वे पाटलिपुत्र से विजयी रहे थे।
यादव बहुल इस सीट से लालू यादव की बेटी मीसा भारती का हारना काफी चर्चा का विषय बना था। उधर आरजेडी से मीसा भारती एक बार फिर इसी सीट से अपनी किस्मत आजमा सकती हैं। फिलहाल वे राज्यसभा सांसद हैं और संसद में आरजेडी का प्रतिनिधत्व कर रही हैं।