महाराष्ट्र के पुणे में कल्याणी नगर में हुई पोर्श कार दुर्घटना की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि कार में किशोर चालक के अलावा दो नहीं, बल्कि तीन नाबालिग थे। हादसे में दो युवा आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि 19 मई को जब कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी, तब कार में चार लोग सवार थे। इनमें कार चला रहा 17 वर्षीय किशोर, उसके दो नाबालिग दोस्त और किशोर के परिवार का चालक था। हालांकि, आरोपपत्र में शामिल चौथे नाबालिग ने कुछ और ही बयान दिया था। उसके मुताबिक, दुर्घटना के बाद जब भीड़ ने उन्हें कार से बाहर निकाला और पीटना शुरू किया तो वह भाग निकला। वह एक ऑटो-रिक्शा के जरिए घर पहुंचा।
क्या है मामला?
दरअसल, कुछ दोस्त पार्टी करने के बाद 19 मई दिन रविवार तड़के करीब सवा तीन बजे मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। तभी तेज गति से आ रही पोर्शे कार ने कल्याणी नगर चौराहे पर उनमें से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर सवार अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा की मौत हो गई। दोनों की उम्र 24 वर्ष थी। वे आईटी पेशेवर थे और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। किशोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटरवाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।