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आरएसएस: 'कानून तभी सफल होगा, जब जनता सहयोग करेगी', जनसंख्या नियंत्रण और समान नागरिक संहिता पर बोले भागवत

Thu, 07 May 2026 01:20 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, मैसूर।

सार

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण और यूसीसी जैसी नीतियां जनता के सहयोग और जागरूकता से ही सफल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जाति आधारित राजनीति तब खत्म होगी, जब समाज खुद जातिगत सोच से ऊपर उठेगा और बराबरी का व्यवहार करेगा। पढ़िए रिपोर्ट-
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मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण की नीतियों और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने के लिए जनता का सहयोग और दीर्घकालिक विचार जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जाति आधारित राजनीति तभी खत्म होगी, जब समाज खुद जातिगत पहचान से ऊपर उठेगा। 
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'समाज में धर्मों-समुदायों के बीच हो सौहार्द'
आरएसएस प्रमुख ने मैसूरु में 'राष्ट्रीय विकास में सामाजिक समरसता की भूमिका' विषय पर व्याख्यान के बाद आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहा कि समाज में धर्मों और समुदायों के बीच सौहार्द होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नारेबाजी के बजाय बराबरी का व्यवहार करने की अपील की।

'जाति का फायदा उठाते हैं राजनेता'
भागवत ने कहा, समाज जाति को याद रखता है, इसलिए राजनेता उसका फायदा उठाते हैं। उनका उद्देश्य वोट हासिल करना होता है। जब काम के आधार पर वोट नहीं मिलते, तो वे जाति के आधार पर वोट लेते हैं। 
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जनसंख्या नियंत्रण विधेयक और यूसीसी पर क्या कहा?
जनसंख्या नियंत्रण विधेयक और यूसीसी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आरएसएस सरकार नहीं, बल्कि एक सामाजिक संगठन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी कानून तभी सफल हो सकता है, जब जनता उसका सहयोग करे।

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उन्होंने कहा, पहले लोगों को जागरूक करना जरूरी है। नीति जरूरी है, लेकिन वह जनता के सहयोग से ही सफल हो सकती है। आपातकाल के दौरान अपनाए गए जनसंख्या नियंत्रण उपायों का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि सख्ती से लागू की गई नीतियों के कारण लोगों में नाराजगी और राजनीतिक विरोध पैदा हुआ था।

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