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Kerala: 'पोप फ्रांसिस 2025 के बाद आ सकते हैं भारत', कार्डिनल जैकब कूवाकाड ने किया खुलासा

Tue, 17 Dec 2024 02:02 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि

सार

सात दिसंबर 51 वर्षीय कूवाकाड को पोप फ्रांसिस ने कार्डिनल के पद पर पदोन्नत किया था। मंगलवार को केरल पहुंचने पर कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि 2025 को कैथोलिक चर्च ने जुबली वर्ष के रूप में घोषित किया है। इस वर्ष रोम में कई समारोह होने हैं। इसलिए पोप फ्रांसिस 2025 के बाद भारत आ सकते हैं।
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पोप फ्रांसिस - फोटो : ANI
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विस्तार
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पोप फ्रांसिस के भारत दौरे को लेकर भारतीय पादरी कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड ने बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पोप फ्रांसिस 2025 के बाद भारत आ सकते हैं। 2025 को कैथोलिक चर्च ने जुबली वर्ष के रूप में घोषित किया है। इस वर्ष रोम में कई समारोह होने हैं। इसके बाद पोप फ्रांसिस भारत आ सकते हैं। 

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मंगलवार को केरल पहुंचने पर कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड का स्वागत किया गया। उन्होंने सभी का धन्यवाद किया। इस दौरान कूवाकाड ने कहा कि वह गर्व से अपने लिए सभी की प्रार्थनाओं, प्यार और आशीर्वाद को याद करते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पोप फ्रांसिस भारत कब आएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है वह 2025 के बाद भारत आ सकते हैं। क्योंकि 2025 जुबली वर्ष है। इस दौरान रोम में बहुत सारे उत्सव होते हैं। इसलिए पोप 2025 में वहां रहेंगे। हां इसके बाद पोप की यात्रा से इन्कार नहीं किया जा सकता। हम इसके लिए आशा और प्रार्थना कर सकते हैं।

सात दिसंबर 51 वर्षीय कूवाकाड को पोप फ्रांसिस ने कार्डिनल के पद पर पदोन्नत किया था। प्रसिद्ध सेंट पीटर बेसिलिका में आयोजित इस समारोह में दुनिया भर के पादरी और गणमान्य लोगों ने भाग लिया था। जिसमें विभिन्न देशों के 21 नए कार्डिनल्स को शामिल किया गया था। कूवाकाड की नियुक्ति के बाद वेटिकन में भारतीय कार्डिनल्स की कुल संख्या छह हो गई है। इससे वेटिकन में भारत का प्रतिनिधित्व और मजबूत हो गया है।
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कौन हैं जॉर्ज कूवाकाड 
जॉर्ज कूवाकाड का जन्म 11 अगस्त 1973 को तिरुवनंतपुरम में हुआ था। उन्हें 24 जुलाई 2004 को पादरी नियुक्त किया गया था। उन्होंने प्रतिष्ठित पोंटिफिकल इकलेसियास्टिकल एकेडमी से कूटनीतिक सेवा का प्रशिक्षण लिया था। कूवाकड ने अल्जीरिया, दक्षिण कोरिया, ईरान, कोस्टा रिका और वेनेजुएला जैसे देशों में चर्च के कूटनीतिक कार्यों में अहम भूमिका निभाई है। वह 2020 से वेटिकन के सचिवालय में पोप की वैश्विक यात्राओं का आयोजन कर रहे हैं। 

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