इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री आई पेरियासामी ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत 127 लाभार्थियों को घर बनाने की मंजूरी दी गई है। दरअसल, नागपट्टिनम जिले के वेनमनी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में अब तक 75 लाभार्थियों ने मकान बना लिए हैं और शेष 52 के संबंध में निर्माण कार्य जारी है।
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने नागापट्टिनम जिले के गरीब ग्रामीणों को पीएम आवास योजना न मिलने को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि गरीबों को इस योजना का लाभ न मिल पाना 'प्रशासनिक उदासीनता' है।
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राज्यपाल ने प्रदेश के कावेरी डेल्टा क्षेत्र में 28 जनवरी को नागप्पट्टिनम जिले का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने यहां के बदहाल देख एक्स पर एक पोस्ट में प्रशासन पर आरोप लगाया और लिखा, 'यह दुखद है कि नागापट्टिनम जिले के योग्य गरीब ग्रामीणों को प्रशासनिक उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार के कारण पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।'
127 लाभार्थियों को मिली घर बनाने की मंजूरी
वहीं, इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री आई पेरियासामी ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत 127 लाभार्थियों को घर बनाने की मंजूरी दी गई है। दरअसल, नागपट्टिनम जिले के वेनमनी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में अब तक 75 लाभार्थियों ने मकान बना लिए हैं और शेष 52 के संबंध में निर्माण कार्य जारी है।
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कम से कम 66 झोपड़ियों को कंक्रीट में बदला जाएगा
कम से कम 66 झोपड़ियों को उस क्षेत्र में राज्य आवास योजना के लिए पात्र के रूप में पहचाना गया है और इन्हें कंक्रीट के घरों में बदल दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने उन क्षेत्रों में मकानों (केंद्रीय पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को आवंटन के लिए प्रस्तावित) को स्थानांतरित करने की मंजूरी नहीं दी है, जहां पात्र लाभार्थी नहीं हैं।
मंत्री ने एक बयान में कहा, ऐसी तकनीकीताओं के मद्देनजर, आवश्यकताओं के अनुसार, वेनमनी ग्राम पंचायत जैसे स्थानीय निकायों को घर आवंटित नहीं किए जा सकते हैं। बता दें कि द्रमुक शासन ने नीतिगत मामलों सहित कई मुद्दों पर राज्यपाल रवि का कड़ा विरोध किया है।