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Maharashtra: अजित पवार को राहत, निर्वाचन अधिकारी का दावा- 'फंड फॉर वोट' बयान देकर नहीं किया कोई उल्लंघन

Fri, 26 Apr 2024 02:47 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

शरदचंद्र पवार के नेतृत्व वाली एनसीपीएसपी ने अजित पवार के खिलाफ चुनाव आयोग में आदर्श आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। 
 
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अजित पवार - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव को लेकर देशभर में एक अलग ही माहौल बना हुआ है। राजनीतिक दल एक दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग भी सख्त रुख अपनाए हुए है। इस बीच बारामती लोकसभा सीट पर राजनीतिक हलचल जारी है। यहां के निर्वाचन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शुरुआती जाचं में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा फंड से वोट मांगने पर की गई टिप्पणी के जरिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं है। 

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शरद पवार खेमे ने दी थी शिकायत
शरदचंद्र पवार के नेतृत्व वाली एनसीपीएसपी ने अजित पवार के खिलाफ चुनाव आयोग में आदर्श आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। 

अजित पवार ने यह कहा था
दरअसल, बारामती निर्वाचन क्षेत्र के इंदापुर में एक चुनावी रैली में अजित पवार ने हाल ही में कहा था, 'जहां तक फंड का सवाल है, हम आपको जितना चाहें उतना देने में सहयोग करेंगे। लेकिन इसके लिए ईवीएम का बटन बड़ी संख्या में दबाना होगा। अगर ईवीएम का बटन अधिक से अधिक दबाया जाएगा तो मुझे भी धन आवंटित करना अच्छा लगेगा, नहीं तो मुझे खुद को रोकना होगा।'
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पवार के पास राज्य का वित्त विभाग है। उनके इस बयान की विपक्ष ने आलोचना की थी। शरद वाली एनसीपीएसपी ने चुनाव आयोग में शिकायत देकर अजित पवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

अधिकारी ने बताई सच्चाई
बारामती की निर्वाचन अधिकारी कविता द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की और अजित पवार से जवाब मांगा। इस मामले में अब उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी को एक रिपोर्ट सौंपी। इसमें अधिकारी ने बताया है कि उन्होंने अजित पवार के भाषण का वीडियो देखा है और आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, 'वीडियो में किसी एक उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगे गए हैं। उन्हें यह कहते हुए सुना जाता है कि 'हमारी' मशीन के बटन दबाएं ताकि वह धन आवंटित कर सकें। यहां मशीन शब्द सार्वभौमिक है और वह किसी विशेष उम्मीदवार या अपने उम्मीदवार या पार्टी के बारे में बात नहीं कर रहे हैं।'

पुणे के जिलाधिकारी सुहास दिवासे ने कहा कि बारामती के निर्वाचन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस मामले में आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दो दिन पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपी गई थी।

भाभी-ननद आमने-सामने
महाराष्ट्र की बारामती सीट पर रिश्ते में ननद भौजाई का राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प हो चुका है। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार खेमा) ने सुनेत्रा पवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उम्मीदवार बनाया है। सुनेत्रा महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी हैं। वहीं सुनेत्रा के खिलाफ उनकी ननद सुप्रिया सुले चुनाव मैदान में हैं। सुप्रिया शरद पवार की बेटी हैं। बारामती लोकसभा क्षेत्र की मौजूदा सांसद एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले हैं। साल 2019 में सुप्रिया ने भाजपा के कंचन राहुल कूल को हराया था। सुले ने अब तक तीन बार बारामती लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है। बारामती में आम चुनाव के तीसरे चरण में सात मई को मतदान होगा।

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