चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अब नामांकन दाखिल करते समय अपनी आय के साथ-साथ जीवनसाथी की आय के स्रोतों के बारे में भी जानकारी देनी होगी। इस कदम के बारे में चुनाव आयोग (ईसी) का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी।
सरकार ने चुनाव नियमों में संशोधन कर हलफनामे में एक नया कॉलम शामिल किया है। यह कॉलम उम्मीदवार और उसके जीवनसाथी की आय के स्रोतों से संबंधित है। चुनाव आयोग ने पिछले साल इस संबंध में कानून मंत्रालय से संपर्क किया था।
आयोग का मानना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इसी विषय पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में चुनाव आयोग ने कहा था कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए यह आवश्यक है कि मतदाताओं को उम्मीदवारों और उनके परिवार के सदस्यों की आय के स्रोतों की जानकारी हो।
कानून मंत्रालय ने नए नियमों को 7 अप्रैल को अधिसूचित किया। पहले किसी भी उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करते समय फार्म 26 में अपने, अपने जीवनसाथी और तीन आश्रितों की संपत्ति तथा देनदारी का ब्यौरा देना होता था, लेकिन आमदनी के स्रोत के बारे में जानकारी देने का प्रावधान नहीं था।
देश में केवल भारतीय नागरिक ही चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन अब हलफनामे में एक कॉलम जोड़ा गया है जिसमें उम्मीदवार को बताना होगा कि वह भारतीय नागरिक है अथवा नहीं। साथ ही उम्मीदवार को लाभ के पद के बारे में भी जानकारी देनी होगी। अगर वे लाभ के पद पर हैं तो उन्हें तत्काल अयोग्य करार दिया जाएगा।
उम्मीदवार को इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि उन्हें केंद्र अथवा राज्य सरकार की नौकरी के दौरान भ्रष्टाचार अथवा निष्ठाहीनता के आरोप में बर्खास्त तो नहीं किए जा चुके हैं।
अगर कोई उम्मीदवार पहले जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत अयोग्य करार दिया गया हो तो हलफनामा दायर करते समय उसे इस बात की भी जानकारी देनी होगी। अगर उम्मीदवार चाहे तो वह अपने नामांकन पत्र में अपने ई-मेल और सोशल मीडिया एकाउंट की भी जानकारी दे सकता है।