चुनाव आयोग ने स्वीकार किया कि मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट पर वोटों की गिनती के दौरान एक उम्मीदवार के सहयोगी ने एक "अधिकृत व्यक्ति" के मोबाइल फोन का "अनधिकृत रूप से" इस्तेमाल किया था। इस सीट पर शिवसेना के रवींद्र वायकर ने जीत हासिल की थी.
मीडिया को दिए एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी ने पहले ही इस मामले पर पुलिस केस दर्ज करवा दिया है।
‘गलत सूचना फैलाकर भारतीय चुनाव प्रणाली पर शक किया गया’
चुनाव आयोग ने बताया कि यह आरोप लगाया गया था कि मोबाइल फोन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को अनलॉक करने के लिए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त करने की क्षमता थी। जिसको लेकर रिटर्निंग ऑफिसर ने "ईवीएम के बारे में गलत सूचना फैलाने और भारतीय चुनाव प्रणाली में संदेह पैदा करने" के लिए मिड-डे अखबार को नोटिस जारी किया है।
‘अफवाह फैलाकर कुछ नेता झूठी कहानी बना रहे हैं’
चुनाव आयोग ने प्रेस नोट में कहा कि ईवीएम को अनलॉक करने के लिए मोबाइल फोन पर कोई ओटीपी नहीं जा सकता है, क्योंकि यह नॉन-प्रोग्रामेबल है और इसमें कोई वायरलेस संचार क्षमता नहीं है। यह एक अखबार द्वारा फैलाया गया पूरा झूठ है, जिसका इस्तेमाल कुछ नेता झूठी कहानी बनाने के लिए कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने आगे कहा, "ईवीएम स्टैंडअलोन डिवाइस हैं जिनमें ईवीएम प्रणाली के बाहर की इकाइयों के साथ कोई तार या वायरलेस कनेक्टिविटी नहीं है। इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) की गिनती भौतिक रूप (पेपर बैलेट) में की जाती है, न कि इलेक्ट्रॉनिक रूप में "जैसा कि झूठी कहानियों के माध्यम से फैलाया जा रहा है।"
48 वोट से जीते थे वायकर
मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से रविंद्र वायकर ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को महज 48 वोट से हराया था। इस सीट पर पहले कीर्तिकर को एक वोट से विजयी घोषित हुए थे, लेकिन री-काउंटिंग में वायकर 48 वोट से जीत गए। रविंद्र वायकर को 4,52,644 वोट मिले हैं। वहीं उद्धव गुट के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को 452596 वोट मिले।