रिजिजू ने अरुणाचल की नदियों में तैराकी को लेकर क्या समझाया?
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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश की नदियों में तैराकी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी का नाम भाजपा नेताओं के दिमाग में इस कदर है कि रिजिजू राहुल गांधी का जिक्र किए बिना आधी पोशाक में भी तैर नहीं सकते। खेड़ा ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर की, जिसके बाद रिजिजू ने भी उन्हें जवाब दिया।
रिजिजू ने पवन खेड़ा को क्या जवाब दिया?
रिजिजू ने खेड़ा की टिप्पणी को अभद्र बताया और कहा कि वह अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि खेड़ा पहली बार राज्यसभा सांसद बने हैं। रिजिजू ने कहा कि वह अपने गांव के लोगों के साथ तैरते हैं और ऐसा अपने लोगों तथा समर्थकों को प्रेरित करने के लिए करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह अपने लोगों के बीच होते हैं तो राहुल गांधी उनके दिमाग में नहीं होते। रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर उनकी तैराकी को राहुल गांधी से जोड़ने का आरोप लगाया।
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'क्या आप पूरी ड्रेस और कोट पहनकर तैरते हैं?'
रिजिजू ने जवाबी हमला करते हुए खेड़ा से सवाल किया कि क्या वह पूरी पोशाक और कोट पहनकर तैरते हैं। उन्होंने खेड़ा के असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ हुए विवाद का भी जिक्र किया। रिजिजू ने कहा कि वह खेड़ा के कथित अनुशासनहीन आचरण की शिकायत असम के मुख्यमंत्री से करेंगे। इस तरह तैराकी के एक वीडियो को लेकर शुरू हुई बहस सीधे कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गई।
रिजिजू ने अरुणाचल की नदियों में तैराकी को लेकर क्या समझाया?
रिजिजू ने अपने एक अन्य वीडियो में बताया कि अरुणाचल प्रदेश की तेज बहती नदियों में तैरना सामान्य स्विमिंग पूल में तैरने से अलग है। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि तैरना नहीं आता हो तो गहरे पानी में नहीं जाना चाहिए, क्योंकि नदियों में डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि तेज बहाव वाले पानी में तैरते समय सिर ऊपर और शरीर अपेक्षाकृत सीधा रखना पड़ता है। उनके मुताबिक, यह तकनीक शांत पानी या स्विमिंग पूल में तैरने की शैली से अलग है।
राहुल गांधी का नाम इस विवाद में कैसे आया?
पवन खेड़ा ने अपने बयान में राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा था कि राहुल गांधी भाजपा की चिंता का कारण बने हुए हैं। उन्होंने रिजिजू के तैराकी वीडियो को इसी राजनीतिक संदर्भ से जोड़कर टिप्पणी की। इसके जवाब में रिजिजू ने कहा कि वह तैराकी के लिए किसी तरह का प्रशिक्षण नहीं लेते और अरुणाचल की तेज नदियों को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने खुद को इन नदियों का खिलाड़ी बताया और कांग्रेस नेताओं से अनावश्यक रूप से अभद्र टिप्पणी नहीं करने को कहा।
क्या तैराकी का वीडियो अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया?
इस पूरे विवाद में मूल मुद्दा रिजिजू का अरुणाचल की नदियों में तैराकी का वीडियो था, लेकिन कांग्रेस और भाजपा नेताओं की टिप्पणियों के बाद यह राजनीतिक तकरार में बदल गया। रिजिजू ने अपने वीडियो के जरिए अरुणाचल की नदियों में तैराकी की अलग तकनीक और सावधानी की जरूरत बताई, जबकि खेड़ा ने इसे राहुल गांधी और भाजपा की राजनीति से जोड़कर टिप्पणी की। दोनों नेताओं के जवाबी बयानों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का रूप दे दिया।