क्या बोले थे डीके शिवकुमार?
दरअसल, रविवार को डीके शिवकुमार एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जहां उनसे सार्वजनिक ठेकों में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने और भाजपा द्वारा इसे अदालत में चुनौती देने की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया। उसका जवाब देते हुए कर्नाट के डिप्टी सीएम ने कहा कि देखते हैं कि क्या होता है। हमने जो शुरू किया है, मुझे पता है कि इसको लेकर सब अदालत में जाएंगे। इंतजार करते हैं और देखते हैं अदालत का जो भी फैसला आएगा। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे दिनों का इंतजार करना होगा। बहुत सारे बदलाव करने हैं...संविधान भी बदल रहा है ऐसे फैसले भी हैं जो संविधान बदल देते हैं।
भाजपा हुई कांग्रेस पर हमलावर
डीके शिवकुमार के इस बयान पर कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की मंशा का खुला सबूत करार देते हुए तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस संविधान को बदलकर मुसलमानों को आरक्षण का लाभ देना चाह रही है।
बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान के साथ मजाक है शिवकुमार का बयान- संबित पात्रा
वहीं, भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बयान पर कहा कि डी.के. शिवकुमार ने अपने एक साक्षात्कार में स्पष्ट तौर पर कहा है कि अगर मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए हमें संविधान को बदलना पड़े तो हम तैयार हैं। ये बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान के साथ मजाक है।
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शहजाद पूनावाला बोले- कांग्रेस हमेशा आरक्षण विरोधी रही
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कथित बयान पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस भारतीय संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा है। ये वही लोग हैं जो संविधान को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। यह आंबेडकर विरोधी और आरक्षण विरोधी है। कांग्रेस हमेशा आरक्षण और एससी/एसटी और ओबीसी के अधिकारों के खिलाफ रही है।
राज्यसभा में भी शुरू हुआ हंगामा
इतना ही नहीं सोमवार को राज्यसभा और लोकसभा में डीके शिवकुमार के बयान का मुद्दा जमकर गूंजा। राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की मुस्लिम आरक्षण के लिए संवैधानिक बदलाव संबंधी कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया, जिसके बाद राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने डीके शिवकुमार का इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा उठाकर कांग्रेस ने बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है। अगर हिम्मत है तो आज ही उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगिए। काफी देर तक चले हंगामे के बाद राज्यसभा और लोकसभा को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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मैं नड्डा से ज्यादा समझदार- शिवकुमार
संविधान पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवाद के बीच कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि मैं जेपी नड्डा से ज्यादा समझदार और वरिष्ठ राजनेता हूं। मैं पिछले 36 सालों से विधानसभा में हूं। मेरे पास सामान्य ज्ञान है। मैंने यूं ही कह दिया था कि विभिन्न निर्णयों के बाद बहुत सारे बदलाव होंगे। पिछड़े वर्गों के कोटे के अनुसार आरक्षण दिया गया है। मैंने यह नहीं कहा कि हम संविधान बदलने जा रहे हैं। वे (भाजपा) जो भी कह कर रहे हैं वह गलत है। वे इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं...यह हमारी पार्टी है जो इस देश में संविधान लाई...मैं इस पर विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज करूंगा। मैं केस लड़ूंगा। वे मुझे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
एनडीए भारत को तोड़ रही- खरगे
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की संविधान पर कथित टिप्पणी को लेकर राज्यसभा में हंगामे के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कोई नहीं बदल सकता। आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता। इसे बचाने के लिए हमने कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा की। वे (एनडीए सांसदों की ओर इशारा करते हुए) भारत को तोड़ रहे हैं।