अभिजीत और शर्मिष्ठा मुखर्जी (फाइल)
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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन के बाद कांग्रेस की संस्कृति, पुरानी घटनाओं, कद्दावर नेताओं के अंतिम संस्कार के समय हुई घटनाओं का जिक्र हो रहा है। टिप्पणी करने वाले लोगों में सबसे प्रमुख नाम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी का है। ताजा घटनाक्रम में प्रणब के बेटे अभिजीत ने कहा कि जब उनके पिता का निधन हुआ, उस समय कोरोना संबंधी प्रतिबंध लागू थे। इस कारण शव यात्रा और सामुदायिक समारोह की अनुमति नहीं मिली। प्रतिबंधों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी समेत कई अन्य नेताओं ने प्रणब मुखर्जी के अंतिम दर्शन किए थे।
CWC में शोक प्रस्ताव नहीं, कांग्रेस ने भूल को सुधारा...
अभिजीत का बयान इस मायने में भी अहम है क्योंकि बेटी शर्मिष्ठा ने चार साल पहले 2020 में प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक न बुलाए जाने को लेकर पीड़ा साझा की थी। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा कि उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर कांग्रेस ने एक शोक सभा आयोजित करने की जहमत भी नहीं उठाई थी। इस संबंध में अब बेटे अभिजीत ने कहा है कि कांग्रेस ने कार्यसमिति की बैठक बुलाकर शोक प्रस्ताव पारित नहीं किया। जहां तक मुझे पता है, ऐसी परंपरा भी नहीं रही है। हालांकि, बाद में कांग्रेस ने इस भूल को सुधारा और वरिष्ठ नेताओं के निधन पर नियमित रूप से शोक प्रस्ताव पारित किए गए।
प्रतिबंधों के कारण रैली नहीं निकाल सकी कांग्रेस
प्रणब मुखर्जी के निधन वाले साल 2020 में विषम परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बेटे अभिजीत ने कहा, जब पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हुआ, वो समय कोरोना महामारी (कोविड-19) का समय था। बकौल अभिजीत, 'बहुत सारे प्रतिबंध थे, इसलिए लोग इकट्ठा नहीं हो सकते थे...केजरीवाल के प्रशासन ने परिवार के किसी सदस्य को भी मिलने की अनुमति नहीं दी। परिवार और दोस्तों के केवल 20 लोग ही मौजूद थे। कांग्रेस भी एक रैली निकालना चाहती थी, लेकिन ऐसा नहीं कर सकी।'