कर्नाटक में कांग्रेस-जेडी(एस) की सरकार पर कोई संकट नहीं है। भाजपा ने घोषणा की थी कि सक्रांति पर कर्नाटक में बड़ा उत्सव मनेगा। मतलब वे जोड़ तोड़ कर कांग्रेस जेडीएस सरकार को गिराकर खुद राज्य की सत्ता पर काबिज हो जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा जो गत विधानसभा चुनाव के बाद खरीद-फरोख्त के बल पर सरकार बना गए थे, मगर दूसरे ही पल उन्हें सरकार छोड़कर जाना पड़ा। मल्लिकार्जुन ने कहा, वे पहले भी फेल थे और आज भी फेल हो रहे हैं। अब उनके साथ केंद्र सरकार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी कर्नाटक की सरकार को गिराने के प्रयासों में साथ आ गए हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, भाजपा इससे पहले यह खेल मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में खेल चुकी है।उनके लिए यह नई बात नहीं है। कर्नाटक में भी भाजपा का प्रयास है कि सरकार को गिरा दिया जाए।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, अगर कोई मंत्री पद से हटा दिया जाता है तो उसकी नाराजगी जायज है।
ऐसा होना आम बात है।कांग्रेस पार्टी में चूंकि बोलने की आजादी है, इसलिए हमारी बातें सामने आ जाती हैं। भाजपा में लोकतंत्र नहीं है, इसलिए वहां अंदरखाते ऐसी साजिश चलती रहती है।