उन्होंने त्रिपुरा की जनता को विश्वास दिलाया कि यदि हमारे किसी मंत्री के दामन पर भ्रष्टाचार के दाग लग जाएं तो उसे दूध से मक्खी की तरह मंत्रिमंडल से बाहर निकाल दिया जाएगा। जबकि यहां के मुख्यमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि यहां मुख्यमंत्री में हटाने का साहस नहीं है। जबकि उनके खिलाफ उंगलियां उठती रही हैं।