मुकुल रॉय की तृणमूल कांग्रेस में वापसी के बाद बंगाल भाजपा को और भी झटके लग सकते हैं। इस क्रम में कोलकाता शहर के पूर्व महापौर सोवन चटर्जी की तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी से उनके आवास पर मुलाकात के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पर भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने मंगलवार को कहा कि वह उन लोगों के बारे में चिंतित नहीं है, जो स्थिति के अनुकूल होने पर पार्टी में शामिल हुए और बाद में चले गए।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि वफादार नेता अभी भी पार्टी के साथ हैं। मुकुल रॉय के नक्शेकदम पर चलते हुए चटर्जी की तृणमूल कांग्रेस में वापसी की संभावना के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा कि ये व्यक्ति किसी भी तरह से भगवा पार्टी को समृद्ध करने में विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कहां जाते हैं। वे हमारे संगठन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकते। वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए पूर्व महापौर ने इस साल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ दी थी। इसके बाद से ही वह सक्रिय राजनीति में शामिल नहीं हैं।
बता दें कि चटर्जी ने सोमवार शाम को तृणमूल कांग्रेस के अपने पूर्व सहयोगी के आवास पर शिष्टाचार भेंट की थी। उनके साथ उनकी दोस्त बैसाखी बनर्जी भी थीं। बैसाखी बनर्जी ने नारद स्टिंग मामले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सोवन को तीन अन्य नेताओं के साथ गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके साथ खड़े होने के लिए तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद दिया था।