सीबीएसई के पेपर लीक मामले पर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए मोदी एंड टीम को सवालों के कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंजात्मक ट्वीट किया। अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री ने किताब लिखी एग्जाम वॉरियर्स, जिसमें छात्रों को बताया गया कि परीक्षा के दौरान तनाव से कैसे दूर रहें। अगली किताब होनी चाहिए, पेपर लीक के बाद जिंदगी बर्बाद होने पर छात्र और उनके माता-पिता तनाव से कैसे दूर रहें।
वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि सिर्फ सीबीएसई के पेपर लीक होने का मसला नहीं है बल्कि एसएससी घोटाला भी चिंता का विषय है। मौजूदा मोदी सरकार अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं कर रही है। अगर वह स्वीकार नहीं करेंगे तो कौन करेगा।
इस मुद्दे पर राज ठाकरे ने भी केंद्र की सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर सरकार की नाकामी है। अपनी गलती को स्वीकार करने के बजाय सरकार चाहती है कि छात्र परीक्षा देने के लिए दोबारा जाएं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मैं उन सभी लोगों से गुजारिश करता हूं जिनके बच्चे पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं कि वह किसी भी हालत में अपने बच्चों को एग्जाम देने के लिए दोबारा न भेजें।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह पूरी तरीके से शिक्षा मंत्रालय की नाकामी है। सरकार की गलती की वजह से 28 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। हम इस मुद्दे को सदन में भी उठाएंगे।