यूपी में 2017 के चुनावी रण में कूदने के लिए नया सियासी मोर्चा (महागठबंधन) दीपावली बाद आकार ले सकता है ? राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष अजित सिंह इसकी अगुवाई कर रहे हैं। वह अन्य छोटे दलों के नेताओं संग मंच साझा करने की रणनीति अपना रहे हैं। मुरादाबाद में महागठबंधन की नींव रखने केलिए छोटे दल जल्द जुटेंगे। अजित सिंह का कहना है कि हम महागठबंधन के लिए तैयार हैं।
भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा से गठबंधन की राह खुलती नहीं देख रालोद मुखिया अजित सिंह ने छोटे दलों और क्षेत्र के अन्य असरदार लोगों को साथ जोड़ो की रणनीति बनाई है। उनका मानना है कि सूबे में इस बार त्रिकंशु विधानसभा के आसार बन रहे हैं, ऐसे में सरकार बनाने में छोटे दलों की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।
इसी सोच के साथ अजित सिंह ने इसी माह के शुरू में बागपत में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार, शरद यादव और बसपा से अलग हुए पूर्व मंत्री आरके चौधरी के साथ मंच साझा किया। इसी मंच से अजित सिंह अपने पुत्र पूर्व सांसद जयंत चौधरी को सीएम का चेहरा घोषित कराने में कामयाब रहे।