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Manmohan Singh: 'मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर राजनीति की कोशिश निराशाजनक', CM सरमा की कांग्रेस को खरीखरी

Sun, 29 Dec 2024 02:45 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला गुवाहाटी

सार

भारत में आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हो गया था। वह 92 साल के थे। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए उचित और सम्मानजनक स्थान नहीं देने का आरोप लगाया। इस पर सरमा ने पलटवार किया है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने पलटवार किया है। सरमा ने कहा कि कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर विवाद खड़ा कर रही है। यह बेहद निराशाजनक है। जबकि केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए जगह आवंटित करने का एलान किया है। 

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असम के सीएम सरमा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि कांग्रेस ने अपनी विरासत की उपेक्षा की है। पूर्व पीएम नरसिम्हा राव हों या पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। कांग्रेस ने अपनी ही विरासत के साथ उदासीनता बरती है। सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि डॉ. मनमोहन सिंह अद्वितीय गरिमा और बुद्धि के धनी राजनेता थे। यह बेहद निराशाजनक है कि कांग्रेस उनके अंतिम संस्कार को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है। इससे डाॅ. सिंह की अंतिम यात्रा की गरिमा कम हो रही है। 

सरमा ने कहा कि भारत के लोगों ने राष्ट्र के लिए उनके अमूल्य योगदान को मान्यता देते हुए डॉ. सिंह को सम्मानपूर्वक और हार्दिक विदाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही उनकी विरासत को सम्मानित करने के लिए एक उपयुक्त स्मारक की घोषणा की है, जो राष्ट्र की कृतज्ञता को दर्शाता है। फिर भी कुछ लोग शोक के इस क्षण को राजनीतिक लाभ के अवसर में बदलना चाहते हैं, बहुत दर्दनाक है। 
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सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जनता को अभी भी डॉ. सिंह के प्रति उनके कार्यकाल के दौरान किए गए अपमान याद हैं। इसमें राहुल गांधी के इशारे भी शामिल हैं, जिन्होंने उनके कद को कमतर आंका। इस तरह की हरकतें राष्ट्र की यादों में हैं। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद तो कम से कम उनकी विरासत राजनीतिक अवसरवाद से कलंकित नहीं होनी चाहिए। हम उनकी स्मृति को उस गरिमा और सम्मान के साथ सम्मानित करें जिसके वे हकदार हैं। 

कहां से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर देश के पहले सिख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए उचित और सम्मानजनक स्थान नहीं देने का आरोप लगाया। कांग्रेस की मांग थी कि अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर किया जाना चाहिए था, जहां बाद में उनका स्मारक बनाया जा सके।

राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और केंद्र की एनडीए सरकार ने मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर करवाकर भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री का सरासर अपमान किया है।
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