मई 2014 से सत्ता में आई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को न्यू इंडिया की नींव रखने का दर्जा देते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस को अपने तीरों से खूब छलनी किया। राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गठित हुई तो विरासत में गड्ढे ही गड्ढे मिले थे, लेकिन उनकी सरकार ने देश से वंशवाद, जातिवाद, तुष्टीकरण की राजनीति को धता बताते हुए सबका साथ, सबका विकास की थीम पर नये भारत का रास्ता बनाया। राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद सदन में पहली बार बोलते हुए अमित शाह ने बिना नाम लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह की सरकार पर हमला बोला। इतना ही नहीं राहुल गांधी की समझ पर भी उन्होंने सवाल उठाया।
हमारे फैसले देशहित में
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गठित सरकार लोगों को खुश करने के लिए फैसले नहीं लेती, बल्कि यह लोगों को खुश रखने के लिए कड़े फैसले लेने से भी नहीं हिचकती। सरकार ने लोगों की नाराजगी का ध्यान रखे बगैर देश हित में कड़े फैसले लिए। भाजपा अध्यक्ष ने आगे भी मोदी सरकार के इसी तरह से चलते रहने का संकेत दिया। उन्होंने सरकार की विदेश नीति, रक्षा नीति की जमकर तारीफ की।
इंदिरा, राजीव, मनमोहन सरकार पर हमला
अमित शाह ने चर्चा में कहा कि गरीबी हटाओ के नारे पर बहुत लोग सत्ता में आए, लेकिन देश में गरीबी को हटाने के सही कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने ही उठाए। पीएम मोदी ने ही अन्त्योदय (देश के अंतिम आदमी) तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाकर उसे गरीबी से उबारने का प्रयास किया। इसके लिए अमित शाह ने जनधन योजना के जरिए 31 करोड़ बैंक खाता खोलने, इनमें 73 हजार करोड़ रुपये जमा होने, 1.23 करोड़ लोगों द्वारा प्रधानमंत्री की अपील पर स्वत: सब्सिडी छोडऩे और बदले में केंद्र द्वारा 3.30 करोड़ गरीबों को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में गैस कनेक्शन देने का जिक्र किया। अमित शाह ने इस बहाने बिना नाम लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के गरीबी हटाओ के नारे को कठघरे में खड़ा किया। तीन तलाक के मुद्दे पर वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को कठघरे में ले आए।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अल्पसंख्यक महिलाओं को न्याय दिलाने की पहल की है। उन्होंने तीन तलाक पर संसद में पेश बिल के लिए इसका उदाहरण दिया। कहा कि लोकसभा में यह बिल पारित हो गया है और यदि कांग्रेस समर्थन दे तो कल राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। इसी के साथ उन्होंने शाहबानों प्रकरण का जिक्र किया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अदालत द्वारा इस मामले में फैसला देने के बाद भी तत्कालीन सरकार इसे अमल में आने से रोकने के लिए कानून लेकर आई थी। मनमोहन सिंह सरकार को अमित शाह ने नीतियों को लकवा मार जाने वाली और घोटाले में फंसी सरकार करार दिया।
राहुल गांधी की समझ पर सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने अभिभाषण पर चर्चा के क्रम में कांग्रेस पार्टी के अपने समकक्ष राहुल गांधी को राज्य सभा में भी नहीं बख्शा। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ लोग जीएसटी जैसे अच्छे कानून को गब्बर सिंह टैक्स कहते हैं। गब्बर सिंह हिंदी की शोले फिल्म का डाकू था। अमित शाह ने कहा कि गब्बर सिंह टैक्स कुछ लोगों की समझ पर सवाल उठाता है, जो एक अच्छे भले कानून को डाकू की संज्ञा दे रहे हैं। शाह ने कहा कि जीएसटी एक अच्छा कानून और आर्थिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे आने वाले समय में छोटे, लघु और मझोले व्यापारियों को फायदा होगा। उन्होंने ई-वे बिल के प्रभावित होने की भी तारीफ की।
'छह साल तक सुनना पड़ेगा'
अमित शाह
गुजरात में 22 साल बाद फिर लौटे
वंशवाद और खासकर एक परिवार का शासन, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति से इस देश को मुक्ति दिलाने का सेहरा प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के कामकाज पर मढ़ते हुए अमित शाह ने गुजरात में जीत पर जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा लगातार हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड समेत अन्य राज्य में चुनाव जीतती गई। इतना ही नहीं आजादी के बाद भाजपा ही अकेली ऐसी पार्टी है जो गुजरात में 22 साल तक शासन करने के बाद 49 प्रतिशत मतों के साथ फिर पांच साल के लिए सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि जनादेश लोकतंत्र में सरकार के कमाकाज पर मुहर है।
भारत को लेकर बदला दुनिया का नजरिया
अमित शाह ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया। उन्होंने काले धन के विरुद्ध सरकार की प्रतिबद्धता जताई। सिंगापुर, मॉरीशस, साइप्रस से आने वाले कालेधन के रूट के बंद होने की जानकारी दी और नोटबंदी को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया। गरीबों के अकाउंट में सीधे उनके पैसे के हस्तांतरण से 57 हजार करोड़ रुपये का दुरुपयोग रुकने की जानकारी दी। मुद्रा योजना, जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत, स्किल इंडिया, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, दीन दयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, इसरो की 104 उपग्रहों को एक साथ प्रक्षेपित करने की क्षमता, खेलो इंडिया, जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता में भारत का रुख, संयुक्त राष्ट्र महासभा और अमेरिकी कांग्रेस में प्रधानमंत्री के संबोधन, विकलांग को दिव्यांग की संज्ञा, उनके अधिकार की दिशा में प्रयास, भारत-पाक सीमा पर सेनाओं के रुख को बड़ी उपलब्धि करार दिया। शाह ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से दुनिया में भारत को लेकर नजरिया बदल रहा है।
35 सालों में कश्मीर सबसे शांत, सुरक्षित
कश्मीर को लेकर केंद्र की नीतियों पर मुहर लगाते हुए अमित शाह ने कहा कि नई सरकार ने कड़ाई शुरू की तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। लेकिन तमाम उतार-चढ़ाव के बाद आज कश्मीर पिछले 35 साल में सबसे सुरक्षित और शांत है। जो लोग कश्मीर की शांति में खलल डाल रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। आतंकवाद को होने वाले फंडिंग आदि पर नकेल कसी जा रही है।
छह साल तक सुनना पड़ेगा
अमित शाह ने राज्यसभा में विपक्ष की बार-बार की टोकाटोकी पर उसे कई बार आगाह किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष उन्हें सुनने की आदत डाल ले। विपक्ष उन्हें सुने। उन्होंने तंज भी कसा कि अब वह राज्यसभा के सदस्य चुनकर आ गए हैं, इसलिए विपक्ष को उन्हें कम से कम छह साल तक तो सुनना पड़ेगा। अमित शाह ने कहा कि विपक्ष उन्हें बोलने से नहीं रोक सकता। उन्हें केवल सभापति ही रोक सकते हैं।