वह पुलिस में सिपाही है लेकिन उसे नहीं पता कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से नौकरी कराना गैरकानूनी है। उन पर अत्याचार तो और भी बड़ा जुर्म है। नौ साल की मासूम बच्ची आफरीन के शरीर पर चिमटे और संड़सी से दागे जाने के निशान हैं। थाने में समझौते की बात चल रही थी लेकिन बात डीजीपी तक पहुंच गई तो मुकदमा लिखना ही पड़ा। शाम को इस सिपाही को निलंबित भी कर दिया गया।
सोमवार को केले चुराने के आरोप में चिमटे और संड़सी से पीटी जा रही फतेहगंज पश्चिमी थाने में तैनात सिपाही नईम की नौकरानी आफरीन की चीखें सुनकर पड़ोसियों की भीड़ जुट गई। यह पिटाई फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में सिपाही के किराए के मकान में की जा रही थी।
किसी ने बच्चे के शरीर पर चोटों की तस्वीरें खींचीं और उन्हें वायरल कर दिया। तस्वीरें डीजीपी तक पहुंचीं तो मामले का संज्ञान लिया गया। तब कहीं मां की तहरीर पर सिपाही और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
लड़की की मां का आरोप है कि पांच महीने से उसकी बच्ची के साथ इसी तरह बेरहमी हो रही थी। बच्ची की मां पहले एसडीएम मीरगंज के पास गई उन्होंने तुरंत थाने को कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन पुलिस शाम तक किसी तरह समझौता कराने में जुटी थी। पुलिस मुख्यालय से जब इस बारे में पड़ताल हुई तो पूरा महकमा हरकत में आ गया।